पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच Asaduddin Owaisi की पार्टी All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) ने बड़ा कदम उठाते हुए हमायूं कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन खत्म कर लिया है। यह फैसला चुनाव से कुछ हफ्ते पहले लिया गया है, जिससे राज्य की सियासत में नए समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं।
AIMIM ने साफ किया है कि वह अब Humayun Kabir की Aam Janata Unnayan Party (AJUP) के साथ किसी भी तरह का राजनीतिक संबंध नहीं रखेगी। पार्टी के अनुसार, हाल ही में सामने आए एक कथित स्टिंग वीडियो के बाद यह निर्णय लिया गया है। इस वीडियो में कबीर को कथित तौर पर भाजपा नेताओं के साथ अपने संबंधों पर बात करते हुए सुना गया है। हालांकि, कबीर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे AI द्वारा बनाया गया फर्जी वीडियो बताया है।
AIMIM ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इस तरह के बयानों और घटनाओं से राज्य के मुस्लिम समुदाय की छवि और भरोसे पर असर पड़ता है। पार्टी ने यह भी कहा कि वह किसी ऐसे व्यक्ति या संगठन के साथ नहीं रह सकती, जिससे समुदाय की ईमानदारी और सुरक्षा पर सवाल उठें।
इसके साथ ही, असदुद्दीन ओवैसी ने पश्चिम बंगाल में अपनी प्रस्तावित चुनावी रैलियों को भी रद्द कर दिया है। पहले उनकी योजना हमायूं कबीर के साथ संयुक्त सभाएं करने की थी, लेकिन अब पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AIMIM का यह कदम पश्चिम बंगाल के चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। खासकर मुस्लिम वोट बैंक में इसका असर देखने को मिल सकता है, जहां AIMIM खुद को एक स्वतंत्र और मजबूत विकल्प के रूप में पेश करना चाहती है।









