देहरादून/रुद्रप्रयाग: Kedarnath Temple की पवित्र यात्रा के दौरान इस वर्ष स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष रूप से मजबूत किया गया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त तैयारी के चलते हजारों श्रद्धालुओं को समय पर चिकित्सा सहायता मिल रही है, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम बन रही है।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले तीन दिनों में कुल 6733 श्रद्धालुओं को ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं प्रदान की गई हैं। इनमें बड़ी संख्या उन यात्रियों की है, जिन्हें ऊंचाई, थकान या मौसम से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हुईं। शुक्रवार को ही 4993 लोगों का उपचार किया गया, जो इस बात का संकेत है कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में कार्य कर रहा है।
यात्रा के दौरान स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब तक 2869 श्रद्धालुओं की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 1311 जांचें केवल शुक्रवार को की गईं। इस प्रक्रिया के माध्यम से संभावित जोखिम वाले यात्रियों की पहचान कर उन्हें समय रहते सलाह और उपचार दिया जा रहा है, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।
रेस्क्यू व्यवस्था को भी अत्याधुनिक और तेज बनाया गया है। अब तक चार गंभीर रूप से बीमार यात्रियों को हेलीकॉप्टर के जरिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में भेजा गया है। इसके अलावा 13 यात्रियों को एंबुलेंस और 7 श्रद्धालुओं को पारंपरिक डंडी-कंडी के माध्यम से सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया। यह व्यवस्था दुर्गम क्षेत्रों में भी राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान 11 यात्रियों को यात्रा के लिए अयोग्य पाया गया, जिनमें से दो मामले हाल ही के हैं। ऐसे यात्रियों को आगे की यात्रा न करने की सलाह दी गई है, ताकि उनकी सेहत पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। प्रशासन इस बात पर विशेष जोर दे रहा है कि श्रद्धालु अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा करें।
गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई भी देखने को मिली है। हाल ही में सांस लेने में तकलीफ के कारण गुजरात के एक 55 वर्षीय श्रद्धालु और महाराष्ट्र के एक 19 वर्षीय युवक को हेली रेस्क्यू के माध्यम से बड़े अस्पताल में भेजा गया। समय पर मिली सहायता से उनकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।
प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर 24×7 स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की हैं। ऑक्सीजन सुविधा, प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, एंबुलेंस और हेलीकॉप्टर सेवाएं लगातार तैनात हैं। हर प्रमुख पड़ाव पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट स्थापित किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपना स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं और यदि यात्रा के दौरान कोई भी परेशानी महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें।








