तमिलनाडु में शराब बिक्री व्यवस्था पर बड़ा एक्शन, मुख्यमंत्री विजय ने कथित ‘पार्टी फंड’ सिस्टम पर कसा शिकंजा

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री Joseph Vijay ने सत्ता संभालने के बाद अपनी पहली कैबिनेट बैठक में राज्य की शराब बिक्री व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (TASMAC) में कथित रूप से चल रही अनौपचारिक वसूली और राजस्व रिसाव को रोकने के लिए व्यापक सुधार अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शराब बिक्री से प्राप्त होने वाला प्रत्येक रुपया सीधे सरकारी खजाने में पहुंचे और किसी भी प्रकार की अनियमितता को तत्काल समाप्त किया जाए।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि TASMAC की विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से हर महीने बड़ी मात्रा में धन अनौपचारिक चैनलों में जा रहा है। सरकार का अनुमान है कि पिछले कई वर्षों में राज्य को भारी राजस्व नुकसान हुआ है। इसी के मद्देनजर शराब बिक्री और वितरण प्रणाली की व्यापक समीक्षा शुरू की गई है।

पूरी व्यवस्था की होगी निगरानी

सरकार ने TASMAC के संचालन से जुड़े हर स्तर पर निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसमें शराब की खरीद, गोदामों से आपूर्ति, परिवहन, खुदरा बिक्री, खाली बोतलों की वापसी और दुकानों पर होने वाले नकद लेन-देन जैसे सभी पहलुओं की जांच शामिल होगी।

आबकारी एवं मद्यनिषेध विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी प्रकार की अनौपचारिक वसूली प्रणाली को समाप्त करें और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएं। सरकार का कहना है कि राजस्व संग्रह की व्यवस्था ऐसी बनाई जाएगी जिसमें किसी भी स्तर पर धन के दुरुपयोग की संभावना न रहे।

पारदर्शिता बढ़ाने की तैयारी

मद्यनिषेध एवं आबकारी मंत्री K Vignesh ने कहा कि सरकार एक ऐसी पारदर्शी व्यवस्था विकसित कर रही है जिससे शराब बिक्री से होने वाली आय सीधे सरकारी खजाने में जमा हो सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं बल्कि जनता के धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

सरकार का मानना है कि शराब बिक्री से जुड़ी प्रक्रियाओं में डिजिटल तकनीक और बेहतर निगरानी तंत्र का उपयोग करके भ्रष्टाचार की संभावनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

खाली बोतल जमा योजना की भी होगी समीक्षा

सरकार ने TASMAC दुकानों पर लागू खाली बोतल जमा और वापसी प्रणाली की भी समीक्षा शुरू कर दी है। वर्तमान व्यवस्था के तहत ग्राहकों से प्रत्येक बोतल पर अतिरिक्त राशि जमा ली जाती है, जिसे बोतल लौटाने पर वापस किया जाता है।

अधिकारियों का मानना है कि इस प्रक्रिया में कई स्तरों पर लेखा-जोखा संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए सरकार इस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने पर विचार कर रही है। संभावित विकल्पों में जमा राशि को उत्पाद मूल्य में शामिल करना या डिजिटल रिफंड प्रणाली लागू करना शामिल है।

717 शराब दुकानों को बंद करने का फैसला

नई सरकार पहले ही राज्य में 717 TASMAC दुकानों को बंद करने का निर्णय ले चुकी है। सरकार का कहना है कि यह कदम नशे की लत को कम करने और सामाजिक सुधार की दिशा में उठाया गया है। हालांकि इससे राज्य के राजस्व पर प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह राजस्व बढ़ाने के लिए शराब की कीमतों में वृद्धि करने के पक्ष में नहीं है।

अन्य विभाग भी आ सकते हैं जांच के दायरे में

सूत्रों के मुताबिक, TASMAC में शुरू हुई यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। सरकार अन्य विभागों में भी राजस्व रिसाव और वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर सकती है। विशेष रूप से खनन क्षेत्र समेत उन विभागों पर ध्यान दिया जा रहा है जहां राजस्व संग्रह की प्रक्रिया जटिल मानी जाती है।

जनता के धन की सुरक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री विजय ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकार का उद्देश्य राजस्व संग्रह के साथ-साथ जनता के धन की सुरक्षा और पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि राज्य के संसाधनों का उपयोग जनता के कल्याण के लिए होना चाहिए और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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