भारत-नेपाल रेल परियोजना पर काठमांडू में हुई अहम बैठक
भारत-नेपाल रेल परियोजना से व्यापार और पर्यटन को मिलेगा लाभ
काठमांडू में हुई उच्चस्तरीय बैठक में जयनगर-बरदिबास, जोगबनी-बिराटनगर और रक्सौल-काठमांडू रेलवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने पर जताई सहमति
भारत-नेपाल रेल परियोजना को लेकर भारत और नेपाल के बीच काठमांडू में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों देशों ने सीमा पार रेलवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-नेपाल रेल परियोजना दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को नई दिशा दे सकती है।
भारत और नेपाल के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में रेलवे क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिली है। काठमांडू में आयोजित द्विपक्षीय बैठकों में दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा पार रेलवे परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा की और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस बैठक को दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास के लिए अहम माना जा रहा है।
बैठक के दौरान भारत सरकार की सहायता से विकसित की जा रही जयनगर-बिजलपुरा-बरदिबास तथा जोगबनी-बिराटनगर ब्रॉडगेज रेलवे लाइनों की प्रगति का आकलन किया गया। अधिकारियों ने इन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया। माना जा रहा है कि इन रेल परियोजनाओं के पूरा होने से दोनों देशों के बीच लोगों और वस्तुओं की आवाजाही पहले से अधिक सुगम हो जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, जयनगर-जनकपुर रेल सेवा पहले ही भारत और नेपाल के बीच सफल संपर्क का उदाहरण बन चुकी है। अब इस रेल लाइन को आगे बरदिबास तक विस्तारित करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। इससे नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों को भारतीय रेलवे नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा।
बैठक में जनकपुर-अयोध्या रेल सेवा को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। यह परियोजना धार्मिक पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जनकपुर माता सीता की जन्मस्थली और अयोध्या भगवान श्रीराम की नगरी के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। ऐसे में दोनों धार्मिक स्थलों के बीच सीधी रेल सेवा शुरू होने से लाखों श्रद्धालुओं को लाभ मिलने की संभावना है।
इसके अलावा रक्सौल-काठमांडू ब्रॉडगेज रेलवे परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। यह महत्वाकांक्षी परियोजना नेपाल की राजधानी को सीधे भारतीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ सकती है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इससे नेपाल में निवेश, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
नेपाल की पूर्व-पश्चिम रेलवे परियोजना के लिए तकनीकी सहयोग पर भी सकारात्मक बातचीत हुई। भारत ने इस परियोजना में आवश्यक तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई है। इससे नेपाल के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
व्यापारिक दृष्टि से भी ये परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं। बेहतर रेल संपर्क से माल ढुलाई की लागत कम होगी, व्यापार बढ़ेगा और सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।








