अयोध्या में अमिताभ बच्चन का बढ़ता निवेश: 15 करोड़ रुपये में खरीदी 15,000 वर्गफुट जमीन, बोले- ‘मैं यूपी का हूं’ हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव: ईरान पर वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइल दागने के आरोप, वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता गहराई महाराष्ट्र में मानसून का कहर: एक दिन में 13 लोगों की मौत, मुंबई समेत कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त पतंजलि सिविल सर्विस अकादमी में 16 राज्यों के अभ्यर्थियों ने किया आवेदन, पतंजलि के 50 संन्यासी भी देंगे इंटरव्यू करूर भगदड़ मामले में नया मोड़, गवाहों को प्रभावित करने के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई ‘सतलुज’ फिल्म पर रोक से बढ़ा विवाद, ओटीटी से हटाए जाने के बाद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर छिड़ी बहस

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव: ईरान पर वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइल दागने के आरोप, वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता गहराई

पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइल दागने के आरोप लगे हैं। इस घटना में दोनों जहाजों को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

दो जहाजों को नुकसान, चालक दल सुरक्षित

रिपोर्टों के मुताबिक, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो व्यावसायिक जहाज मिसाइल हमले की चपेट में आए। हमले से जहाजों को काफी नुकसान पहुंचा, लेकिन सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं।

उधर, ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने भी जानकारी दी कि ओमान के लिमाह तट के पूर्व में दक्षिण दिशा की ओर जा रहे एक तेल टैंकर को अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने टक्कर मारी, जिससे जहाज में आग लग गई। आग पर नियंत्रण पाने के प्रयास तुरंत शुरू किए गए और किसी प्रकार की जनहानि या समुद्री प्रदूषण की सूचना नहीं मिली।

हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं या नहीं।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

हॉर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री मार्ग है, जिसे दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है। वैश्विक स्तर पर समुद्री मार्ग से होने वाले कच्चे तेल के व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।

सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और इराक जैसे प्रमुख तेल एवं प्राकृतिक गैस उत्पादक देशों का निर्यात इसी मार्ग पर निर्भर करता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि या सुरक्षा संकट का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर तुरंत दिखाई देता है।

पहले भी मिल चुकी थी चेतावनी

हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय मीडिया में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने समुद्री संचार माध्यमों के जरिए क्षेत्र से गुजर रहे जहाजों को चेतावनी दी थी कि यदि आवश्यक हुआ तो मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इन रिपोर्टों के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां और ऊर्जा बाजार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थे।

एलएनजी टैंकर को भी निशाना बनाए जाने की आशंका

कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि प्रभावित जहाजों में से एक कतर की एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) परिवहन कंपनी से जुड़ा गैस टैंकर हो सकता है। बताया गया कि जहाज के इंजन कक्ष के पास हमला हुआ, जिससे वहां आग और धुआं फैल गया।

हालांकि संबंधित कंपनी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

बढ़ सकता है वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव लगातार बढ़ता है, तो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने की संभावना बढ़ जाती है।

ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के लिए ऐसी स्थिति आर्थिक दबाव बढ़ा सकती है। शिपिंग कंपनियों को भी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था और बीमा लागत का सामना करना पड़ सकता है।

अमेरिका-ईरान संबंधों में बनी हुई है तल्खी

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच हाल के सप्ताहों में अप्रत्यक्ष वार्ताएं हुई थीं, लेकिन किसी स्थायी समाधान की सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई।

विश्लेषकों का कहना है कि क्षेत्र में जारी सैन्य और कूटनीतिक गतिविधियों के कारण समुद्री सुरक्षा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन गई है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर

घटना के बाद विभिन्न देशों की समुद्री सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री परिवहन पर भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

फिलहाल मिसाइल हमले से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विभिन्न एजेंसियां घटना की जांच कर रही हैं और संबंधित देशों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और आधिकारिक बयानों के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

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