उत्तराखंड कैबिनेट के 13 बड़े फैसले: अग्निवीरों को लिखित परीक्षा में छूट

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अग्निवीरों को सरकारी नौकरी के लिए नहीं देनी होगी लिखित परीक्षा, कैबिनेट ने दी मंजूरी

  • हरिद्वार में धामी सरकार की कैबिनेट बैठक, 13 प्रस्तावों को मंजूरी

दैनिक समाचार, हरिद्वार/देहरादून: हरिद्वार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट की अहम बैठक हुई। प्रदेश की प्रगति को सामने रखते हुए महत्वपूर्ण विषयों के विचारोपरांत 13 प्रस्तावों को मंत्रीमंडल ने मंजूरी प्रदान की। इसमें सबसे अहम यह है कि अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में अतिरक्त छूट देने और हरिद्वार में ईएसआई अस्पताल के लिए 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने जैसे फैसलों को मंजूरी दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हरिद्वार में हुई कैबिनेट बैठक में 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक के बाद सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने मीडिया को बताया कि 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। अग्निवीरों को समूह ग के पदों की भर्ती में पहले से 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। अब उन्हें लिखित परीक्षा, शारीरिक परीक्षा और निर्धारित न्यूनतम ऊंचाई में भी छूट दी जाएगी।

अग्निवीरों को लिखित और शारीरिक मानक परीक्षा में मिलेगी छूट

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राज्याधीन सेवाओं में समूह ग के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए नई क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। वर्ष 2025 की नियमावली में सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के साथ अधिकतम आयु सीमा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट का प्रावधान था। अब केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप संशोधित नियमावली तैयार की गई है। इसमें लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं।

बहादुर बच्चों को मिलेगा मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार
प्रदेश के साहसी और बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। योजना के तहत विपरीत परिस्थितियों में धैर्य, असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों के साहसिक कार्यों को पहचान देने के साथ अन्य बच्चों को भी प्रेरित करना है।

ऋषिकुल में विकसित होगा प्राच्य शोध संस्थान

ऋषिकुल स्थित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास और विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को कैबिनेट ने सैद्धांतिक मंजूरी दी है। संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान और संस्कृति के साथ आधुनिक शोध को बढ़ावा देना है।

परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए निर्णय

उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम, 2023 की अनुसूची-3 में संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलेगी।

छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की तैयारी

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प्रदेश में कारोबार को सरल बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई है। प्रस्तावित विधेयक के तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों के लिए नागरिक दंड तथा प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान करने और कानूनों के अप्रचलित एवं अनावश्यक प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
बाढ़ परिक्षेत्रण नियमावली को दी गई मंजूरी

कैबिनेट ने उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दे दी है। इसके माध्यम से बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया, मानक और कार्यप्रणाली निर्धारित की जाएगी। नियमावली का उद्देश्य नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने के साथ जन-धन, संपत्ति और महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को बाढ़ से होने वाले संभावित नुकसान से सुरक्षित रखना है। इसके तहत उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने की व्यवस्था की जाएगी।

पंचम विधानसभा के तृतीय सत्र की मंजूरी की तारीख सीएम तय करेंगे
कैबिनेट ने उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी दे दी है। सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है। सत्र के आयोजन से संबंधित आगामी निर्णय मुख्यमंत्री स्तर से लिया जाएगा।

अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए आएगा नया विधेयक

प्रदेश में अग्निशमन और आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई है। प्रस्तावित विधेयक भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके तहत औद्योगिक विकास, बढ़ते शहरीकरण, आपदाओं और आग की संभावित घटनाओं से जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान अग्निशमन संबंधी कानून की समीक्षा कर नया कानून लाने की तैयारी है।

संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष अब महानिदेशक होंगे

कैबिनेट ने उत्तराखंड वित्तीय हस्तपुस्तिका खंड-एक में वित्तीय अधिकारों के प्रतिनिधायन से संबंधित प्रावधान में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में दर्ज निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखंड का नाम शामिल किया जाएगा। इससे विभागीय प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय अधिकारों का संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।

स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की अवधि बढ़ी

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। इन पदों की अवधि एक मार्च, 2026 से 28 फरवरी, 2027 तक बढ़ाई गई है। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कार्मिकों को पहले की तरह वेतन और मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की ओर से किया जाएगा।

भगवानपुर में आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में छूट

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भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में शिथिलता देने को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना और केंद्र एवं राज्य सरकार की आवास नीति के अनुरूप प्रस्तावित इस परियोजना के लिए करीब 8.1169 हेक्टेयर भूमि निर्धारित है। परियोजना के तलपट मानचित्र की स्वीकृति के लिए नौ मीटर चौड़े पहुंच मार्ग का मानक निर्धारित था, जबकि मौके पर छह मीटर चौड़ा मार्ग उपलब्ध है। ऐसे में निर्धारित चौड़ाई में तीन मीटर की छूट देने का निर्णय लिया गया है।

भू-उपयोग परिवर्तन के शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधरेगी

बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित शासनादेश में दर्ज खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। संबंधित भूमि का कुल क्षेत्रफल 24,280 वर्ग मीटर है। शासनादेश 10 नवंबर, 2023 में त्रुटिवश दर्ज खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही खसरा संख्या 321/2अ दर्ज की जाएगी। इससे भू-अभिलेखों में दर्ज संख्या को सही किया जा सकेगा।

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