मेरठ सांप कांड: अमरदीप कैसे आया रविता के करीब? अमित कश्यप हत्याकांड की पूरी कहानी

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मेरठ सांप कांड: अमरदीप कैसे आया रविता के करीब? अमित कश्यप हत्याकांड की पूरी कहानी
मेरठ, उत्तर प्रदेश: मेरठ का चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मामले में अदालत ने 16 अक्टूबर 2026 को अमित की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मौत की सजा सुनाई। जांच में सामने आया कि अमित की मौत को सांप के काटने से हुई घटना दिखाने की कोशिश की गई थी, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से दम घुटने की बात सामने आई।

इस मामले में अमरदीप और रविता के बीच नजदीकियां कैसे बढ़ीं और शक की शुरुआत कैसे हुई, इसकी कहानी भी सामने आई है।
काम के सिलसिले में हुई थी अमरदीप और अमित की पहचान
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमरदीप और अमित कश्यप दोनों टाइल्स और पत्थर लगाने का काम करते थे। इसी काम के दौरान दोनों की जान-पहचान हुई। धीरे-धीरे एक-दूसरे के घर आने-जाने का सिलसिला शुरू हो गया।

अमित के साथ काम करने वाले संदीप ने बताया कि अमरदीप का उसके घर आना-जाना था। इसी दौरान रविता और अमरदीप के बीच नजदीकियां बढ़ने की बात सामने आई। संदीप के अनुसार, इस रिश्ते को लेकर अमित और अमरदीप के बीच विवाद भी हुआ था। हालांकि, इन घटनाओं के बारे में सामने आई बातें गवाहों के बयानों और जांच से जुड़ी जानकारी पर आधारित हैं।
रिश्ते को लेकर विवाद और मारपीट की बात भी आई सामने
अमित के सहयोगी संदीप ने दावा किया कि रविता और अमरदीप के संबंधों को लेकर दोनों के बीच कई बार तनाव हुआ। उसने यह भी बताया कि कुछ मौकों पर अमित के साथ मारपीट की गई थी।

इन बयानों से मामले में रिश्तों के विवाद का पहलू सामने आया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इसी पृष्ठभूमि में अमित की हत्या की साजिश रची गई थी। अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर रविता और अमरदीप को दोषी ठहराया गया।
13 अप्रैल 2025 को बिस्तर पर मिला था अमित का शव
यह मामला मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। 13 अप्रैल 2025 की सुबह अमित कश्यप का शव उसके बिस्तर पर मिला था। शव के पास सांप मिलने के बाद शुरुआत में मौत को सर्पदंश से जोड़कर देखा गया।

लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों और शरीर पर मौजूद निशानों को लेकर परिवार के कुछ सदस्यों को संदेह हुआ। इसके बाद पोस्टमार्टम कराने की मांग उठी। जांच में सामने आया कि अमित की मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली जांच की दिशा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने और दम घुटने के संकेत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को हत्या के रूप में जांचा। अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि हत्या के बाद शव के पास सांप रखकर घटना को सर्पदंश जैसा दिखाने की कोशिश की गई थी।

मामले की जांच के दौरान सांप की व्यवस्था, गवाहों के बयान और मेडिकल साक्ष्य अहम रहे। अभियोजन के अनुसार, सांप को एक सपेरे से खरीदा गया था। अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को हत्या और आपराधिक साजिश के मामले में दोषी ठहराया गया।
27 अक्टूबर 2026 को अदालत ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया था। इसके बाद 16 अक्टूबर को सजा पर सुनवाई हुई और दोनों को मौत की सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता और हत्या को दूसरी तरह की मौत दिखाने की कोशिश को कठोर सजा की मांग का आधार बनाया था।

अदालत का फैसला इस मामले की कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव है। ऐसे मामलों में आगे की कानूनी कार्यवाही और अपील से जुड़ी स्थिति की पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड से की जानी चाहिए।

मेरठ का यह मामला क्यों बना चर्चा का विषय?

अमित कश्यप हत्याकांड में रिश्तों के विवाद, हत्या और मौत के कारण को छिपाने की कथित कोशिश जैसे कई पहलू सामने आए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने शुरुआती आशंका से अलग तस्वीर पेश की और जांच को नई दिशा दी।

इस मामले ने एक बार फिर दिखाया कि संदिग्ध मौत की जांच में मेडिकल साक्ष्य, घटनास्थल की परिस्थितियां और गवाहों के बयान कितने महत्वपूर्ण होते हैं।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और अदालत के फैसले से जुड़ी प्रकाशित जानकारी पर आधारित है। आरोपों और घटनाक्रम का उल्लेख रिपोर्टों तथा अभियोजन पक्ष के दावों के संदर्भ में किया गया है।

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