आज शनिवार को सीजन का सबसे बड़ा बिजली संकट, हरिद्वार में रहेगा बड़ा असर

-औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा, छोटे बड़े सभी नगरों में कटौती करने की तैयारी है

-शनिवार के लिए राज्य की डिमांड 45.5 एमयू की डिमांड के मुकाबले सात मिलियन यूनिट बिजली कम

-ग्रामीण क्षेत्रों में पांच से छह घंटे, छोटे नगरों में दो से तीन घंटे और बड़े शहरों में एक घंटे से अधिक की कटौती हो सकती है

दैनिक समाचार, उत्तराखंड
प्रदेश में लोग गर्मी से बेहाल हैं वहीं लगातार तापमान का पारा बढ़ता जा रहा है। वहीं मैदान से लेकर पहाड़ों में गर्म हवाएं चल रही हैं। जिस कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इस भीषण गर्मी के साथ उत्तराखंड में लोगों को आज शनिवार को सीजन के सबसे बड़े बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है। राज्य में बिजली की डिमांड 45.5 मिलियन यूनिट के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई है। जबकि, उपलब्धता सिर्फ 38.5 मिलियन यूनिट ही है।
इस कारण शनिवार को औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा, छोटे बड़े सभी नगरों में कटौती करने की तैयारी है। शुक्रवार को उद्योगों में छह घंटे, ग्रामीण क्षेत्रों में चार से पांच घंटे और ज्वालापुर, हल्द्वानी, रुड़की, काशीपुर, जसपुर, बाजपुर, कालाढूंगी, डोईवाला समेत नगरों में दो घंटे तक की कटौती रही। जबकि, बड़े नगरों में एक घंटे तक की कटौती रही। देहरादून के कुछ हिस्सों में भी कटौती करनी पड़ी। आज शनिवार के लिए राज्य की डिमांड 45.5 एमयू की डिमांड के मुकाबले सात मिलियन यूनिट बिजली कम है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पांच से छह घंटे, छोटे नगरों में दो से तीन घंटे और बड़े शहरों में एक घंटे से अधिक की कटौती हो सकती है। जबकि फर्नेश उद्योगों में आठ से दस घंटे और अन्य उद्योगों में छह से आठ घंटे तक की बिजली कटौती हो सकती है। यूपीसीएल अधिकारी के अनुसार राज्य को पहले 7.5 एमयू बिजली गैस प्लांट से मिलती थी। जो कि पूरी तरह बंद हैं। इस बार गर्मी बढ़ने से पांच एमयू की डिमांड समय से पहले ही बढ़ गई है। इस तरह राज्य पर 12.5 एमयू का अतिरिक्त भार बढ़ गया है। जहां पहले यूपीसीएल को बाजार से सिर्फ तीन चार एमयू ही बिजली लेनी पड़ती थी। इस बार 15 एमयू तक बिजली लेनी पड़ रही है। वहीं आपको बता दें कि बीते दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में ऊर्जा विभाग की बैठक ली थी। राज्य में अधिक बिजली कटौती पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जल्द से जल्द बिजली संकट की समस्या का समाधान ढूंढा जाए। ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कड़े तेवर में नजर आए थे। उन्होंने बिजली संकट पर विभाग के बैकअप प्लान को लेकर नाराजगी जताई साथ मुख्यमंत्री ने 24 घंटे के भीतर समाधान के साथ अधिकारियों को आने के कड़े भी निर्देश दिए थे।

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