एक जून से शुरू होगा अयोध्या में भव्य श्रीराम लला का मंदिर निर्माण, पांच दिवसीय पूजन का शुभारंभ

विशेष पूजन में देश के 40 विद्वान अनुष्ठान का करेंगे संचालन
पांच जून को अनुष्ठान के समापन पर योगी रहेंगे मौजूद
गर्भ गृह को फूलों से सजाया जाएगा, तैयारियां शुरू

दैनिक समाचार, देहरादून: अयोध्या में श्रीराम लला के भव्य मंदिर में गर्भगृह का निर्माण कार्य एक जून से प्रारंभ होगा। एक जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गर्भगृह के निर्माण कार्य का शुभारंभ करेंगे। इससे पहले उन्होंने 25 मार्च 2020 को श्रीराम लला को टेंट के मंदिर से निकालकर मानस मंदिर में भी स्थापित किया था।
अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर के गर्भगृह निर्माण कार्य को लेकर मंदिर प्रांगण में पांच दिवसीय पूजन कार्य आज से प्रारंभ हो गया है। अयोध्या नगर निगम के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय पूजन में यजमान बने हैं। पांच दिवसीय विशेष पूजन में देश के चुनिंदा 40 विद्वान सर्वदेव अनुष्ठान का संचालन कराएंगे। अनुष्ठान में सभी देवी- देवताओं को प्रसन्न करने के लिए विधिपूर्वक पूजन अर्चन किया जा रहा है। इस विशेष पांच जून को अनुष्ठान का समापन होगा, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या भी शामिल होंगे।
श्रीराम लला मंदिर के गर्भ गृह के भूमि पूजन पर गर्भ गृह को फूल बंगले से सज्जित किया जाएगा। यहां पर तो एक जून को होने वाले भूमि पूजन को लेकर साज-सज्जा की व्यापक तैयारी की गई है। साज-सज्जा की तैयारी उन्हीं आशीष मिश्र को सौंपी गई है, जिन्होंने राममंदिर के भूमि पूजन में साज-सज्जा की थी।

पीएम मोदी ने किया था भूमि पूजन
5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया था। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामलला के गर्भगृह के निर्माण की पहली शिला रखेंगे। श्रीराम मंदिर के चबूतरे के निर्माण में 17000 ग्रेनाइट पत्थरों का इस्तेमाल किया जाना है। इस चबूतरे में लगाए जाने वाले 17000 में से 5000 पत्थर अभी तक लगाए जा चुके हैं।

गर्भगृह में राजस्थान का सफेद संगमरमर
मंदिर के गर्भगृह क्षेत्र के अंदर राजस्थान की मकराना पहाड़ियों के सफेद संगमरमर का प्रयोग किया जाएगा। इसमें एक आयताकार दो मंजिला परिक्रमा मार्ग परकोटा बनेगा। इसी के पूर्व भाग में प्रवेश द्वार होगा। इस परकोटा में भी 8 से 9 लाख घन फीट पत्थर का उपयोग होगा। 13,300 घन फीट मकराना सफेद नक्काशीदार संगमरमर गर्भगृह निर्माण के लिए और 95,300 वर्ग फुट फर्श और क्लैडिंग के लिए प्रयोग किया जाएगा। गर्भगृह के चारों ओर प्लिंथ और नक्काशीदार गुलाबी बलुआ पत्थर के ब्लॉकों की स्थापना, पिंडवाड़ा में गुलाबी बलुआ पत्थरों की नक्काशी, मकराना मार्बल्स की नक्काशी और आरसीसी रिटेनिंग वॉल निर्माण आदि। मंदिर का ये निर्माण कार्य निश्चित ही एक इंजीनियरिंग चमत्कार कहा जायेगा। प्रथम चरण में एक तीर्थ सुविधा केंद्र लगभग 25,000 तीर्थयात्रियों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगा। इसे पूर्व की दिशा में मंदिर पहुंच मार्ग के निकट बनाया जाएगा।

Dainik Samachaar

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