सूबे के वनों में 18 महीने बहाए पसीने, अब पश्चिम बंगाल के वन और वन्य जीवों की करेंगे हिफाजत

हल्द्वानी के वानिकी प्रशिक्षण अकादमी में 41 वन रेंजर पासिंग आउट परेड में हुए शामिल
वन और वन्य जीवों को लेकर पुरानी और नई चुनौतियों का बारीकि से किया अध्ययन
अपर प्रमुख वन संरक्षक एसएस रसायली ने सभी को दी शुभकामनाएं, दी कुछ सीख

BY NAVEEN PANDEY

दैनिक समाचार, देहरादून: उत्तराखंड के जंगलों से बारीकि सीखकर नए जाबांज पश्चिम बंगाल में वनों की हिजाफत करेंगे। प्रदेश के वनों में वन्य जीवों और वनों के संरक्षण और संवद्र्धन का जबरदस्त अनुभव किया है। 18 महीने के कड़े प्रशिक्षण के दौरान वन और वन्य जीवों को लेकर पुरानी और नई चुनौतियों को बखूबी समझा। अब हल्द्वानी के वानिकी प्रशिक्षण अकादमी से 41 रेंजर पासिंग आउट परेड में शामिल होकर पश्चिम बंगाल के वनों में रेंजर के तौर पर सेवा करने जा रहे हैं।
हल्द्वानी के वानिकी प्रशिक्षण अकादमी आज पश्चिम बंगाल के 41 वन रेंजर पासिंग आउट परेड में शामिल हुए, पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि के रूप में अपर प्रमुख वन संरक्षक एसएस रसाईली समेत विभाग के अन्य आला अधिकारी भी मौजूद रहे, 41 वन रेंजर आज प्रशिक्षण लेकर पूरी तरह से वनों की सेवा करने के लिए तैयार हो गए हैं।

पासिंग आउट परेड के दौरान सभी 41 वन रेंजरों ने जंगलों में वन्य संपदा के साथ ही वन्यजीवों की रक्षा करने का वचन लिया है। मुख्य अतिथि अपर प्रमुख वन संरक्षक एसएस रसाईली ने कहा हल्द्वानी के उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण अकादमी में पश्चिम बंगाल के 41 वन रेंज अधिकारियों ने 18 महीने का प्रशिक्षण लिया है, जिसमें इनको हर तरीके की परिस्थिति में ढलने का प्रशिक्षण दिया गया है कि जंगल के अंदर पुराने और नए तरीकों से किस तरीके से काम किया जा सकता है।
वहीं, प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पश्चिम बंगाल के वन रेंजर बेहद उत्साहित नजर आएं। वन और वन्य जीवों को लेकर लिए गए प्रशिक्षण के दौरान संकल्प को बखूबी अपने जीवन काल में निष्ठा पूर्वक निभाने की बात भी कही।

Dainik Samachaar

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