बिना मेडल वि​सर्जित कर लौटे पहलवान, कईयों ने उठाए सवाल, क्या पहले से ही तैयार थी स्क्रिप्ट

BY NAVEEN PANDEY

पहलवानों के हरकी पैडी पर पहुंचने को लेकर हर पल की खबर
नरेश टिकैत के पहुंचते मेडल उन्हें सौंपा, बेहद भावुक दिखी पहलवान
दैनिक समाचार, हरिद्वार: नई दिल्ली से चलकर पहलवान अपने मेडल्स को हरिद्वार की हरकी पैडी पर शाम ठीक छह बजे विसर्जित करने पहुंचे। पहलवानों में बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक सहित उनके समर्थक मौजूद रहें। इसी बीच, श्री गंगा सभा ने मेडल विसर्जन का विरोध कर दिया। दूसरी ओर, किसान नेता नरेश टिकैत सहित कुछ खाप पंचायतों के प्रधान हरकी पैडी पहुंच गए और मेडल विसर्जित नहीं करने की खिलाड़ियों से अपील की। इसी दौरान फर्श पर बैठे खिलाड़ियों ने नरेश टिकैत को मेडल सौंप कर एक तरह से आंदोलन को आगे बढ़ाने में उनकी अहम भूमिका की ओर संकेत भी किया। नरेश टिकैत ने समर्थकों की बात सुनने के बाद सरकार को पांच दिन का अल्टीमेटम दिया है। इससे पूर्व खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से ये एलान किया था कि वे हरकी पैडी पर मेडल विसर्जित करने के बाद इंडिया गेट पर अपना आंदोलन जारी रखेंगे। बहरहाल, बिना मेडल विसर्जित किए नरेश टिकैत सहित खाप नेताओं के हस्तक्षेप के बाद करीब दो घंटे तक हरकी पैडी क्षेत्र में काफी गहमागहमी के बाद खिलाड़ी बिना मेडल विसर्जित किए लौट गए।
भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी के भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए और उन्हें अरेस्ट करने की मांग को लेकर खिलाड़ी कई दिनों से दिल्ली में आंदोलन कर रहे थे। 28 मई को पुलिस ने जबरिया पहलवानों को जंतर—मंतर से हटा दिया और उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया। इससे नाराज खिलाड़ियों ने तय किया कि वे हरकी पैडी के ब्रहृमकुंड पर जाकर मेडल को विसर्जित कर देंगे और इस बाबत उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी भी अपडेट कर दी। शाम करीब छह बजे बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक सहित अन्य पहलवान गंगा तट पर हाथों में मेडल लेकर पहुंचे। हरकी पैडी के ब्रहृमकुंड से कुछ दूरी पर खिलाड़ी खड़े रहे। मीडिया ने बातचीत करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने किसी से बातचीत नहीं की। कुछ देर बाद ही खिलाड़ी भावुक हो गए और हरकी पैडी के करीब ही गंगा घाट पर बैठ गए और मेडल हाथ में पकड़कर रोने लगे। इसी बीच, श्री गंगा सभा की ओर से हरकी पैडी के ब्रहृमकुंड पर मेडल विसर्जित नहीं करने देने का एलान कर दिया गया। जिससे खिलाड़ियों के सामने स्थिति अजीब हो गई। हालांकि इसी बीच, सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से खिलाड़ियों से देश भर से अपील होने लगी कि वे मेडल को गंगा में विसर्जित नहीं करें। करीब एक घंटे तक खिलाड़ी मेडल लेकर बैठे रहे। खिलाड़ियों के समर्थन में भारत माता की जय के नारे भी लगते रहे। चूंकि हरकी पैडी पर आज गंगा दशहरा की वजह से काफी भीड़ थी लिहाजा श्रद्धालु भी अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को देखने के लिए पहुंच गए। इस दौरान तक किसी तरह की प्रशासनिक बातचीत खिलाड़ियों से नहीं हुई। हालांकि उन्हें समर्थन देने के लिए स्थानीय कांग्रेसी हरकी पैडी पर पहुंचे। इधर, सोशल मीडिया के जरिए किसान नेता नरेश टिकैत सहित कई खाप के प्रधान और पश्चिम यूपी के किसान नेता हरकी पैडी पहुंचने की खबर और मेडल विसर्जित नहीं करने की बात लिखने लगे। करीब सात बजे के बाद नरेश टिकैत और खाप पंचायत के कुछ प्रधान और किसान नेता हरकी पैडी पर पहुंचे। हरकी पैडी पर पहुंचते ही खिलाड़ियों और समर्थक पहलवानों ने नरेश टिकैत के हाथ में पूरा मेडल का बाक्स जिसमें वे मेडल लेकर आए थे सौंप दिया। कुछ देर आपसी बातचीत होने के बाद तय किया गया कि सरकार को पांच दिन का समय दिया जाए। फिर नरेश टिकैत सहित किसान नेताओं ने पहलवानों के साथ हर कदम पर खड़ा रहने और इस लड़ाई को निर्णायक बनाने की बात कहते हुए पानी और गंगा जल खिलाड़ियों को पिलाया। फिर बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक नरेश टिकैत के साथ लौट गए। इस दौरान, प्रशासन, पुलिस और लोकल इंटेलीजेंस यूनिट ने भी राहत की सांस ली। वहीं, जंतर-मंतर नई दिल्ली से निकले पहलवानों ने पहले ही एलान कर दिया था कि हरकी पैडी पर मेडल विसर्जित करने के बाद वे इंडिया गेट पर आमरण अनशन करेंगे।

उठ रहे पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल
अब इन सबके बीच सवाल ये भी उठने लगा है कि आखिर जब मेडल विसर्जित ही करना था तो पहलवानों ने आखिर इतनी देर तक इंतजार क्यों किया। वे तो सोशल मीडिया पर लंबा चौड़ा पोस्ट करके हरिद्वार के लिए निकले थे और छह बजे मेडल विसर्जित करने का एलान कर चुके थे। फिर अचानक सीन में नरेश टिकैत और खाप पंचायतों के कुछ प्रधानों की इंट्री हुई और उनके हरकी पैडी पर आने और समझाने-बुझाने के बाद खिलाड़ी आसानी से मान भी गए। कहीं ऐसा तो नहीं दिल्ली के बाद हरिद्वार में ये सब करने के पीछे कोई स्क्रिप्ट पहले से ही लिखी गई थी।

पहलवानों के आंदोलन का केन्द्र बना हरकी पैडी, ट्रेंड होने लगी जुड़ी खबरें
दिल्ली में चल रहे पहलावानों का आंदोलन का अचानक शाम छह बजे से हरिद्वार केन्द्र बिन्दु बन गया। पहलवानों के मेडल लेकर हरकी पैडी पहुंचने और विसर्जित करने के एलान के बाद चारों ओर यही खबर ट्रेंड करने लगी। हैसटैग टविटर पर विनेश फोगाट, गंगा नदी और साक्षी मलिक के नाम से करने लगा। जिसमें सहमति और असहमति को लेकर खबरें दनादन आने लगी और शाम छह बजे के बाद अचानक हरिद्वार की हरकी पैडी पहलवानों के मेडल विसर्जन की खबरों को लेकर गरमा गया। इसी दौरान रेसलर प्रोटेस्ट पहले नंबर पर शाम करीब साढे सात बजे ट्रेंडिंग में आ गया। फिर तीसरे, छठवें और सातवें पायदान पर अंग्रेजी में लिखा गंगा, हिंदी में लिखा गंगा नदी और फिर गंगेज ट्रेंड कर रहा था।

 

नरेश टिकैत से पहलवान समर्थकों ने ये कहा
नरेश टिकैत को पहलवानों के समर्थन में आए लोगों ने हरकी पैडी पर कहा कि जी, अब मेडल को आप ही संभालो, अब आप ही संभालो। अब सभी रे जिम्मेदारी आपकी है। चौधरी साहब, मलिक साहब, बहुत सहन हो लिया, अब बहुत ज्यादा सहन नहीं होत है। अब ज्यादा दिन देने की जरूरत नहीं है। दस दिन ज्यादा होत है, पांच दिन काफी है।

 

क्या-क्या कब-कब हुआ
श्री गंगा सभा ने कहा राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे
श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने शाम करीब साढ़े छह बजे पहलवानों के मेडल को गंगा में विसर्जित करने का विरोध किया। उनका कहना था कि गंगा में मेडल विसर्जित करने के बहाने ब्रहृमकुंड को किसी भी रूप में राजनीतिक अखाड़ा नहीं बनाने देगी। उन्होंने कहा कि स्नान, दान और पुण्य के लिए हरकी पैडी को जाना जाता है। कहा कि सभी इसकी मान मर्यादा को बनाए रखें। कहा कि किसी भी राजनीतिक उदृदेश्य को लेकर ब्रहृमकुंड को आंदोलन का हिस्सा नहीं बनने देंगे। सनातन की रक्षा की जाएगी। कहा कि मेडल है कोई अस्थियां नहीं। जोड़ा कि मेडल को अस्थि विसर्जन करने की जगह दान दे सकते हैं। अस्थि विसर्जन के भाव से मेडल स्वीकार नहीं होगा। खेल की अस्थियां नहीं होती है है। खेल अजर अमर है। हालांकि उन्होंने कहा कि यदि खिलाड़ी श्री गंगा सभा से बातचीत करने आते हैं तो वे जरूर अनुरोध करेंगे कि वे गंगा आरती और पूजन में शामिल हों, उनका सभी स्वागत करेंगे। उनके आंदोलन के लिए भी प्रार्थना करेंगे। हरकी पैडी के ब्रहृमकुंड पर केवल धार्मिक आयोजन ही होगा।

कांग्रेसियों का पहुंचना भी शुरू, केन्द्रीय और प्रदेश नेतृत्व का मिला समर्थन
जैसे ही ये खबर आई ​कि खिलाड़ी हरकी पैडी पर पहुंच गए हैं। स्थानीय कांग्रेसियों का हरकी पैडी की ओर पहुंचने का क्रम शुरू हो चुके थे और कुछ स्थानीय कांग्रेसियों ने मौके पर पहुंचकर समर्थन भी दिया। इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष करन महारा, पूर्व मुख्यमंत्री यशपाल आर्य के अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे सहित शीर्ष नेतृत्व में शामिल वरिष्ठ कांग्रेसियों ने भी अपना समर्थन दिया और मेडल विसर्जित नहीं करने की अपील की।

नरेश टिकैत सहित खाप पंचायतों का हरिद्वार कूच
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बालियान खाप के प्रधान चौधरी नरेश टिकैत सहित अन्य खापों के प्रधान पहलवानों से मिलने के लिए हरिद्वार के लिए रवाना हुए। अपने सोशल मीडिया अकांउट के जरिए सभी ने पहलवानों से मेडल नहीं विसर्जित करने की अपील की थी। वहीं, खाप पंचायत के प्रधान चौधरी सुरेन्द्र सोलंकी भी हरिद्वार निकलने की जानकारी पोस्ट कर चुके थे।

Dainik Samachaar

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