ओमान के पास मिसाइल हमले का शिकार हुआ तेल टैंकर, 24 भारतीय नाविकों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित बचाया गया

ओमान के समुद्री क्षेत्र के निकट एक तेल टैंकर पर हुए मिसाइल हमले के बाद उसमें सवार 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया। भारतीय तटरक्षक बल और ओमान की समुद्री एजेंसियों के बीच त्वरित समन्वय के चलते यह बड़ा बचाव अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया। घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षा चुनौतियों को उजागर कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, पालाउ ध्वज वाले तेल टैंकर Marivex में सोमवार को ओमान के तट के पास आग लगने की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जहाज मिसाइल हमले की चपेट में आ गया था, जिसके बाद उसमें आग लग गई और चालक दल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। जहाज भारत के कारवार बंदरगाह से ओमान के दुक्म बंदरगाह की ओर जा रहा था।

घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (MRCC) सक्रिय हो गया। भारतीय तटरक्षक बल ने तुरंत ओमान की संबंधित एजेंसियों से संपर्क स्थापित किया और संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। समय पर किए गए समन्वय के कारण जहाज पर मौजूद सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

बचाव अभियान के दौरान ओमान की नौसेना के हेलीकॉप्टरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में हेलीकॉप्टरों को जहाज के ऊपर मंडराते और नाविकों को एयरलिफ्ट करते देखा गया। समुद्र के बीच चलाए गए इस अभियान को चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आग लगने के बाद जहाज पर स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी।

भारतीय तटरक्षक बल ने बताया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एजेंसी ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में मित्र देशों के साथ सहयोग के माध्यम से भारतीय नाविकों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सहयोग के कारण ही इस तरह की आपात स्थितियों में त्वरित सहायता संभव हो पाती है।

समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार का बड़ा हिस्सा समुद्री मार्गों के जरिए होता है और इन मार्गों पर कार्यरत हजारों भारतीय नाविक दुनिया भर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। हाल के वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के कारण समुद्री बचाव तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है।

केंद्रीय शिपिंग और समुद्री मामलों से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, विदेशों में फंसे या संकट में आए भारतीय नाविकों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था बनाई गई है। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक हजारों भारतीय नाविकों को विभिन्न संकटपूर्ण परिस्थितियों से सुरक्षित निकालकर स्वदेश लौटाने में मदद की गई है।

इस ताजा घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आपदा या संकट की घड़ी में विभिन्न देशों के बीच सहयोग कितना महत्वपूर्ण होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के लिए बहुपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं के दौरान त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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