एसआईटी के गठन से धर्म संसद में मौजूद संतों ने कड़ा एतराज

-हरिद्वार धर्म संसद में कथित भड़काऊ भाषण मामले में डीआईजी की ओर से एसआईटी का गठन

-डीआईजी गढ़वाल ने कहा था दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी

दैनिक सामचार, संवाददाता

हरिद्वार धर्म संसद में कथित भड़काऊ भाषण मामले में पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया है। इस मामले में डीआईजी की ओर से एसआईटी का गठन करते हुए एसपी देहात देहरादून को जांच सौंप दी गई है। जिस पर धर्म संसद में मौजूद संतों ने कड़ा एतराज जताया है। डीआईजी गढ़वाल करण सिंह नगन्याल ने एसआईटी जांच गठित करने के दौरान देहरादून में ये भी कहा था कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अब धर्म संसद में शामिल संतों ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। धर्म संसद के संयोजक रहे स्वामी यति नरसिंहानंद गिरी का कहना है कि सरकार दबाव में आकर इस तरह के फैसले ले रही है। उत्तराखंड में भी गैर मुस्लिम समुदाय के लोगों का वर्चस्व दिखने लग गया है। शनिवार को देहरादून पुलिस मुख्यालय जाकर जो घेराव किया गया है उसी का डर सरकार को है जो उन्होंने एसआईटी की जांच बिठा दी है। यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा कि लोकतंत्र का सौभाग्य है कि भीड़ इकट्ठी कर एक समुदाय कुछ भी करवा सकता है। जिसका परिणाम आज देखने को मिला है कल मुख्यालय पूछ कर कर मुसलमानों ने एसआईटी की जांच के भी आदेश ले लिए। इससे साबित होता है की मुसलमानों की बढ़ती जनसंख्या आने वाले समय में हिंदुओं के लिए खतरनाक है। शांभवी पीठाधीश्वर आनंद स्वरूप ने कहा कि सरकार प्रदर्शनों को देखते दबाव में इस तरह के फैसले ले रही है। आज सोशल मीडिया पर कई तरह की वीडियो वायरल हो रही हैं। जिसने हमारे धर्म और भगवानों के प्रति अभद्रता फैलाई जा रही है लेकिन हम तब भी धर्म के प्रति अपनी आवाज उठाते रहे हैं और अब भी उठाते रहेंगे। हमने सन्यास और अग्नि वस्त्र इसीलिए धारण किया था कि धर्म की रक्षा करेंगे और धर्म के लिए सब को जागरूक करेंगे।

Dainik Samachaar

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