भाजपा में इस्तीफा विस्फोट : निगम के पार्षदों ने जिलाधिकारी को सौंपा इस्तीफा

-आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका लगा है

-भाजपा का पार्षद बनने के बाद लगातार उनके क्षेत्र की उपेक्षा होती रही

दैनिक समाचार, रूड़की

नगर निगम की बोर्ड बैठक के 2 दिन बाद ही भाजपा को बड़ा झटका लगा है नगर निगम के लगभग 14 पार्षदों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। जिससे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका लगा है। भाजपा छोड़ने वाले पार्षदों का आरोप है कि भाजपा का बोर्ड होने के बावजूद भी नगर निगम में पार्षदों के क्षेत्र में इस तरह के विकास कार्य नहीं हो पाए जिस तरह से वह चाह रहे थे। पार्षदों का आरोप है कि भाजपा का पार्षद बनने के बाद लगातार उनके क्षेत्र की उपेक्षा होती रही और नगर निगम के अधिकारी और भाजपा पार्षद उपेक्षा करते रहे इसलिए आज उन्होंने सामूहिक रूप से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

पार्षद कौन सी पार्टी में जाएंगे यह तो आने वाला समय ही बताएगा

अब सभी पार्षद कौन सी पार्टी में जाएंगे यह तो आने वाला समय ही बताएगा और ये सामूहिक रूप से एक बैठक कर निर्णय लेंगे। भारतीय जनता पार्टी पर पार्षदों के इस्तीफे का कितना प्रभाव पड़ेगा। लेकिन इतना जरूर है कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के पार्षदों के इस्तीफे से भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है।

भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा ने भी पार्षदों के क्षेत्र को कभी गंभीरता से नहीं लिया

भाजपा के विधायक प्रदीप बत्रा पर भी पार्षदों ने विकास ना करने के गंभीर आरोप लगाए हैं उनका कहना है कि भाजपा विधायक ने भी पार्षदों के क्षेत्र को कभी गंभीरता से नहीं लिया जिसके चलते आज उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ रहा है।

इस्तीफा देने वाले पार्षदों में

डॉ. नवनीत शर्मा, सचिन चौधरी, अंकित चौधरी, राजेश देवी, पूनम प्रधान, मंजू भारती, विनीता रावत, वीरेंद्र कुमार गुप्ता, संजीव राय टोनी, अनूप राणा, शक्ति राणा, सपना धारीवाल, रेशमा प्रवीन, देवकी जोशी, राजेश्वरी कश्यप आदि रूप से शामिल हैं। जिन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दे दिया।

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