सरकारी सिस्टम बना मजाक : पहली रिपोर्ट में इंकार आरोपियों के पकड़े जाने के बाद दुष्कर्म की पुष्टि, नाबालिग की कड़ी मशक्कत के बाद चार आरोपी गिरफ्तार

-नाबालिग के साथ सामूहिक दुराचार के 4 आरोपियों को यूपी के मेरठ से किया गिरफ्तार

-पहली मेडिकल रिपोर्ट में क्यों नहीं हुई दुष्कर्म की पुष्टि बड़ा सवाल

-आरोपियों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म के कबूलनामे के बाद निजी अस्पताल के मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है

-आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप, अपहरण, पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है

दैनिक सामचार, हरिद्वार

ज्वालापुर क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग के साथ सामूहिक दुराचार की पुष्टि हो गई है। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद 4 आरोपियों को यूपी के मेरठ से गिरफ्तार किया है, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। हालांकि, नाबालिग का सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सक ने मेडिकल किया था। मेडिकल रिपोर्ट ने दुष्कर्म की पुष्टि नहीं थी। लेकिन अब आरोपियों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म के कबूलनामे के बाद निजी अस्पताल के मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। घटना के मुताबिक, ज्वालापुर की रहने वाली 10वीं की छात्रा 30 जनवरी को मां की डांट से आजिज आकर घर से भाग गई थी। परिजनों ने छात्रा के लापता की शिकायत पुलिस से की। परिजन की शिकायत पर सक्रिय हुई पुलिस छात्रा की तलाश में जुटी रही। करीब 20 दिन बाद छात्रा नाटकीय घटनाक्रम के तहत रोडवेज बस स्टैंड पर अपने एक रिश्तेदार को मिली। पुलिस ने पहले तो किशोरी से बातचीत नहीं की। लेकिन बाद में किशोरी ने परिजन को आपबीती बयां की।

किशोरी ने बताया कि घर से मेरठ के लिए रवाना हो गई थी। सहारनपुर से मेरठ जाते वक्त उसे रोडवेज बस में तीन युवक मिले वह उनके साथ मेरठ चली गई। जहां तीनों युवकों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी परिजनों ने पुलिस को दी। लेकिन पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टी नहीं होने का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ लिया। पुलिस ने पीड़िता व पीड़िता के परिजनों की बातों को मानने से इनकार किया। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को पकड़वाने और सच साबित करने के लिए पीड़िता ने चाल चली। पीड़िता ने दोबारा अपनी फेसबुक आईडी बनाई और उस आईडी से मुख्य आरोपी इसरार गुज्जर निवासी सहारनपुर को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, जिसे अगले दिन इसरार ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद इसरार ने पीड़िता के साथ फोन पर बात भी की। इसरार ने बताया कि दो दिन बाद सहारनपुर आ रहा है। ये सभी बातें पीड़िता ने अपने फोन में रिकॉर्ड कर ली। जिसे सबूत के तौर पर पुलिस के सामने पेश किया। इसके बाद पीड़िता की बातों पर यकीन करते हुए पुलिस ने इसरार समेत 4 आरोपियों को मेरठ से दबोचा। एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि एसएसआई नितेश कुमार की अगुवाई में गठित पुलिस टीम ने अथक प्रयास के बाद गैंगरेप के आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि पेशे से गन्ना छीलने वाले दिहाड़ी मजदूर मेरठ में कार्य के लिए जा रहे थे। उन्हें ही किशोरी बस में मिली थी। किशोरी को अकेली पाकर वह उसे बहला फुसलाकर अपने साथ ले गए। जहां तीनों के अलावा उनके ठेकेदार ने भी किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस किशोरी को वेस्ट यूपी भी ले गई थी। जहां उसके साथ दुष्कर्म हुआ था। अब्दुल कादिर पुत्र फुरकान, मोहम्मद इसरार पुत्र खालिद, ठेकेदार अहसान पुत्र मोहम्मद कामिल एवं नदीम पुत्र फुरकान निवासी नथमलपुर चिलकाना सहारनपुर यूपी है।  पुलिस पूछताछ में बताया कि गांव खांसी परतापुर मेरठ में गैंगरेप किया। आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप, अपहरण, पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। परिजनों ने सीएचसी ज्वालापुर में तैनात महिला चिकित्सक द्वारा की गई जांच पर अब सवाल खड़े कर दिए हैं। वापस लौटने के बाद इस नाबालिग बच्ची का ज्वालापुर स्थित सीएचसी की डॉ. नताशा बडेजा द्वारा परीक्षण किया गया था, जिसमें दुष्कर्म होने से साफ इंकार किया गया था। लेकिन आरोपियों के पकड़े जाने के बाद आई रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि के बाद सरकारी अस्पताल द्वारा बरती गई लापरवाही पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। 

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