नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी, जानिए कलश स्थापना के ये 6 शुभ मुहूर्त

-घरों में कलश स्थापना के लिए श्रद्धालुओं द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं

-बाजारों में पूजन सामग्री से लेकर माता के श्रंगार के लिए वस्त्र चूनर, धूप दीप नारियल, कलावा, ध्वजा आदि पहले से ही लेकर रखी जा रही है


वासुदेव राजपूत 
दैनिक समाचार, हरिद्वार
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हिंदू पंचांग का पहला दिन माना जाता है। जिसमें नव वर्ष का आरंभ होता है। कई स्थानों पर इसे उगादि और गुड़ी पड़वा कहा जाता है। इस वर्ष यह पर्व 2 अप्रैल, शनिवार को मनाया जाएगा। ज्योतिष और सनातन धर्म परंपरा में नव संवत्सर का विशेष महत्व है, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन से ही आरंभ होता है। इसी दिन से नवरात्रि की शुरुआत होगी। इन नौ दिनों में मां भवानी के 9 स्वरूपों की पूजा की जाएगी। चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां चल रही हैं। घरों से लेकर मंदिरों में माता का दरबार सजाने के लिए अंतिम रूप दे दिया है। दो अप्रैल से चैत्र नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं। इस बार कोविड के नियमों को लेकर बंदिशें कम हो गई हैं, जिसको लेकर मां के भक्तों में खासा उत्साह है। बताते चलें कि बीते वर्ष चैत्र नवरात्र में कोविड के चलते मंदिरों में श्रद्धालु नहीं पहुंच पा रहे थे। लेकिन इस बार अभी ऐसी कोई बंदिश नहीं है। जिसके चलते नवरात्र महापर्व को लेकर तैयारियां को अंतिम रूप दिया जा रहा है। दुर्गा पूजा के लिए मूर्ति निर्माण और देवी मंदिर में साफ सफाई व घरों में कलश स्थापना के लिए श्रद्धालुओं द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बाजारों में पूजन सामग्री से लेकर माता के श्रंगार के लिए वस्त्र चूनर, धूप दीप नारियल, कलावा, ध्वजा आदि पहले से ही लेकर रखी जा रही है। बता दें विश्वविख्यात हरिद्वार के माँ मनसा देवी, माँ चंडी देवी में नवरात्र में लाखों श्रद्धालु मां  के दर्शन के लिए देश विदेश से आते हैं। जिसको लेकर पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क हो गया है। देव स्थानों की साफ-सफाई सहित स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर इंतजाम किए गए हैं।

अश्व पर सवार होकर आ रही मां दुर्गा
इस बार 2 अप्रैल 2022, शनिवार से चैत्र नवरात्रि का आरंभ हो रहा है। 9 दिनों तक भक्त विधि-विधान से माता की पूजा करेंगे। इस बार मां दुर्गा अश्व पर सवार होकर आ रही हैं। वह भैंसे पर प्रस्थान करेंगी।

क्या रहेगा कलश स्थापना के 6 शुभ मुहूर्त

-सुबह- 7.30 से 9.00 शुभ

-दोपहर- 12.00 से 1.30 चर

-दोपहर- 1.31 से 3.00 लाभ

-दोपहर- 3.00 से 4.30 अमृत

-शाम- 6.00 से 7.00 लाभ

-रात- 9.00 से 10.30 तक शुभ

यह दोनों ग्रह एक-दूसरे के शत्रु हैं, इन राशिवालों के लिए शुभ रहेगी नवरात्रि

चैत्र नवरात्रि पर 2 ग्रहों का राशि परिवर्तन होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अननुसार 9 दिनों में शनिदेव और मंगल, मकर राशि में गोचर करेंगे। यह दोनों ग्रह एक-दूसरे के शत्रु हैं। एक ही राशि में इनका आना मुश्किले खड़ी करेगा। यह राशि परिवर्तन कर्क, कन्या और धनु राशि के लोगों के लिए शुभ नहीं रहेगा। वहीं मेष, मिथुन, मकर और कुंभ राशिवालों के लिए लाभदायक रहेगा। उन्हें अच्छे समाचार प्राप्त होंगे। आर्थिक स्थिती मजबूत होगी। मां की कृपा से तरक्की होगी।

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