अष्टमी तिथि पर सच्चे मन से मां महागौरी की पूजा-अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं होती हैं पूरी

-मां महागौरी को ममता की मूरत कहा जाता है
-वासंतिक नवरात्र में देवी मंदिरों में श्रद्घालुओं का तांता लगा हुआ है
-हरिद्वार के माँ मनसा देवी, माँ चंडी देवी, माँ माया देवी, माँ शुरेश्वरी देवी, सहित हरिद्वार के दारिद्र भंजन महादेव मंदिर में की जाने वाली माता की पूजा और मंदिर के प्रति लोगों की अगाध श्रद्घा है

वासुदेव राजपूत दैनिक समाचार, हरिद्वार

नवरात्र को लेकर देवी मंदिरों में श्रद्घा और आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। सुबह से लेकर देर रात तक मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए श्रद्घालू पहुंच रहे हैं। देवी गीतों से पूरा जनपद गूंज रहा है। जिससे शहर से लेकर गांव तक पूरा वातावरण भक्तिमय है।

नवरात्र के आठवें दिन शनिवार को देवी भक्तों ने चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को यानी आठवें दिन देवी दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी का पूजन किया। धार्मिक मान्यता है कि अष्टमी तिथि पर सच्चे मन से मां महागौरी की पूजा-अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मां महागौरी को ममता की मूरत कहा जाता है। वासंतिक नवरात्र में देवी मंदिरों में श्रद्घालुओं का तांता लगा हुआ है। घर से लेकर मंदिरों तक लोग मां के दर्शन पूजन को उमड़ रहे हैं।

हरिद्वार के माँ मनसा देवी, माँ चंडी देवी, माँ माया देवी, माँ शुरेश्वरी देवी, सहित हरिद्वार के दारिद्र भंजन महादेव मंदिर में की जाने वाली माता की पूजा और मंदिर के प्रति लोगों की अगाध श्रद्घा है। भोर से ही यहां लोगों का मां के दर्शन को तांता लग रहा है। मंदिर के बाहर लगी दुकानों से लोग नारियल और चुननी की खरीदारी कर लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। लोगों द्वारा लगाए जा रहे जयकारे से पूरा क्षेत्र गूंज रहा है। 

राम नवमी पर कन्या पूजन करने वालों के लिए 
हिंदू पंचांग के अनुसार राम नवमी का पावन पर्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है, इस बार राम नवमी 10 अप्रैल 2022, रविवार को है। नवमी तिथि 10 अप्रैल, रविवार को सुबह 1 बजकर 32 मिनट से शुरु होकर 11 अप्रैल 2022, सोमवार को रात 3 बजकर 15 मिनट पर समाप्त होगा।

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