रेलवे बोर्ड ने 22 अप्रैल को जारी किया था आदेश
लेवल-7 वाले स्टेशन मास्टर अब ‘उप स्टेशन प्रबंधक’
लेवल-8 वाले स्टेशन मास्टर कहलायेंगे ‘स्टेशन प्रबंधक’
हरिद्वार/नई दिल्ली। भारतीय रेलवे में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किया गया है। रेलवे बोर्ड ने 22 अप्रैल 2026 को अपने आदेश के तहत अब स्टेशन सुपरिटेंडेंट और स्टेशन मास्टर के पदनाम को बदलकर ‘स्टेशन प्रबंधक’ कर दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार ग्रेड पे ₹4600 (लेवल-7) के अधिकारी अब ‘उप स्टेशन प्रबंधक’ कहलाएंगे। ग्रेड पे ₹4800 (लेवल-8) के अधिकारी ‘स्टेशन प्रबंधक’ के रूप में जाने जाएंगे। हालांकि बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि इस पदनाम परिवर्तन से संबंधित अधिकारियों के वर्तमान दायित्वों, कार्यप्रणाली या वेतनमान में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इधर, ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (एआईएसएमए यानि आसमा) के सेक्रेटरी जनरल, शरद चंद्र पुरोहित ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे स्टेशन मास्टर संवर्ग के मान-सम्मान और गरिमा से जुड़ा एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि संगठन लंबे समय से इस मांग को विभिन्न स्तरों पर उठा रहा था, जिसके परिणामस्वरूप यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने आगे बताया कि जैसे जोनल स्तर पर प्रबंधन जोनल महाप्रबंधक और मंडल स्तर पर मंडल रेल प्रबंधक के अधीन होता है, उसी प्रकार स्टेशन स्तर पर कार्यरत अधिकारी का पदनाम ‘स्टेशन प्रबंधक’ किया जाना प्रशासनिक दृष्टि से भी उपयुक्त और तार्किक है।एसोसिएशन ने यह भी बताया कि संगठन के सतत प्रयासों से पूर्व में भी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं, जिनमें कैडर स्ट्रक्चर में सुधार, वर्दी भत्ता, असिस्टेंट स्टेशन मास्टर पद का विलोपन, प्रारंभिक भर्ती में ग्रेड पे ₹4200 सुनिश्चित करना, नियुक्ति के बाद फर्स्ट क्लास पास की सुविधा और यात्रा भत्ता की पुनः बहाली शामिल हैं। एसोसिएशन ने इस निर्णय के लिए रेलवे बोर्ड के प्रति आभार व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी कर्मचारियों के हितों को इसी प्रकार प्राथमिकता दी जाती रहेगी।ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन नार्दन रेलवे के जनरल सेक्रेटरी और स्टेशन प्रबंधक ज्वालापुर ज्ञानेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि अमूमन स्टेशन मास्टर पद पर इंट्री लेवल-6 है जो स्टेशन मास्टर कहलाते हैं। इसके बाद लेवल-7 और लेवल-8 वालों को इसका लाभ मिलेगा। आदेश जारी होने के बाद देश में ऐसे हजारों की तादाद में मौजूद स्टेशन मास्टर अब स्टेशन प्रबंधक कहलाये जाएंगे।








