तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के शुरुआती रुझानों में अभिनेता-राजनेता विजय ने पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीटों पर बढ़त बनाकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। यह दोनों सीटें पहले से डीएमके के कब्जे में रही हैं, ऐसे में विजय की शुरुआती बढ़त को उनके राजनीतिक करियर के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पेरंबूर, जो चेन्नई के उत्तरी हिस्से में स्थित एक अहम शहरी विधानसभा क्षेत्र है, लंबे समय से द्रविड़ राजनीति का गढ़ माना जाता रहा है। करीब 2.2 लाख मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में मजदूर वर्ग, निम्न और मध्यम वर्ग की बड़ी आबादी रहती है। पिछले चुनावों में यह सीट डीएमके के पक्ष में झुकती रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके के आर.डी. सेकर ने यहां 52 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी।
ऐसे मजबूत गढ़ में विजय का चुनाव लड़ना अपने आप में एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। उन्होंने इस सीट को अपने राजनीतिक करियर की लॉन्चिंग के रूप में चुना, जिससे यह साफ होता है कि वे सीधे स्थापित दलों को चुनौती देने के मूड में हैं।
दूसरी ओर, तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट पर भी विजय की बढ़त ने सभी का ध्यान खींचा है। यह सीट केंद्रीय तमिलनाडु में स्थित है और यहां भी डीएमके का प्रभाव रहा है। इस क्षेत्र में बढ़त बनाकर विजय ने यह संकेत दिया है कि उनकी लोकप्रियता सिर्फ चेन्नई तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी उनका प्रभाव देखने को मिल रहा है।
विजय की पार्टी टीवीके (Tamilaga Vettri Kazhagam) इस बार सभी 234 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ रही है। यह रणनीति काफी आक्रामक मानी जा रही है, क्योंकि आमतौर पर नई पार्टियां गठबंधन का सहारा लेती हैं। लेकिन विजय ने बिना किसी बड़े गठबंधन के मैदान में उतरकर अपनी लोकप्रियता और जनसमर्थन की सीधी परीक्षा लेने का फैसला किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि शुरुआती रुझान अंतिम नतीजों में बदलते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है। खासतौर पर युवा मतदाताओं और शहरी वर्ग में विजय की पकड़ को लेकर पहले से ही चर्चा थी, जो अब चुनावी आंकड़ों में भी झलकती नजर आ रही है।








