कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय हलचल तेज हो गई है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बड़ी जीत के बाद राज्य में पहली बार भाजपा सरकार बनने की संभावना प्रबल हो गई है। इसी बीच पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वरिष्ठ नेता Suvendu Adhikari को राज्य का अगला मुख्यमंत्री चुना जा सकता है।
भाजपा ने सरकार गठन की प्रक्रिया को गति देते हुए 8 मई को कोलकाता में विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में नव-निर्वाचित विधायक शामिल होंगे और अपने नेता का चुनाव करेंगे। बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया को औपचारिक रूप देने के लिए मतदान की बजाय हाथ उठाकर समर्थन जताने का तरीका अपनाया जाएगा, जिससे फैसले में तेजी लाई जा सके।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, राज्य अध्यक्ष Samik Bhattacharya विधायक दल की बैठक में सुबेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखेंगे। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah बैठक में मौजूद विधायकों के सामने उनके नाम की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं। यह भी बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व पहले ही इस नाम पर सहमति बना चुका है, और बैठक केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए आयोजित की जा रही है।
बैठक के लिए उपयुक्त स्थान को लेकर भी तैयारियां चल रही हैं। भाजपा के पास 200 से अधिक विधायक होने के कारण इतनी बड़ी बैठक के लिए बड़े हॉल या मैदान की तलाश की जा रही है। पार्टी चाहती है कि यह आयोजन भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से हो, जिससे नई सरकार के गठन का संदेश मजबूत तरीके से जनता तक पहुंचे।
बैठक के बाद सुबेंदु अधिकारी, राज्य अध्यक्ष और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। इसके बाद 9 मई को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए जाने की योजना है। यह दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि इसी दिन महान साहित्यकार Rabindranath Tagore की जयंती, यानी रवींद्र जयंती मनाई जाती है। इस अवसर पर शपथ ग्रहण समारोह को सांस्कृतिक रंग देने की भी तैयारी है।
सूत्रों के अनुसार, इस ऐतिहासिक समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और कई वरिष्ठ नेता भी कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं। पार्टी इस आयोजन को एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सुबेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बनते हैं, तो यह राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होगा। गौरतलब है कि अधिकारी कभी Mamata Banerjee के करीबी सहयोगी रहे हैं, लेकिन बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। अब उनके नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने की संभावना राज्य में नई राजनीतिक दिशा का संकेत दे रही है।








