उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में एक दर्दनाक घटना ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया। खेतों में चारा लेने गई 55 वर्षीय महिला की गुलदार के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बन गया। बाद में खोज अभियान के दौरान जब गुलदार ने वन विभाग की टीम और ग्रामीणों पर हमला करने की कोशिश की, तो उसे मार गिराया गया।
जानकारी के अनुसार, मृतक महिला की पहचान प्रभा देवी के रूप में हुई है। वह दोपहर के समय अपने घर के पास स्थित खेतों में पशुओं के लिए चारा लेने गई थीं। काफी समय बीत जाने के बाद जब वह वापस नहीं लौटीं तो उनके परिजनों को चिंता हुई। महिला के पति उन्हें खोजने खेतों की ओर गए, जहां उन्हें खून के निशान और शरीर का एक हिस्सा मिला। इसके बाद उन्होंने तुरंत गांव वालों को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और वन विभाग को सूचना दी गई। इसके बाद वन विभाग, पुलिस, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
खोज अभियान के दौरान टीम को महिला का शव एक जर्जर और सुनसान भवन के भीतर मिला। बताया गया कि शव खेतों से कुछ दूरी पर स्थित एक परित्यक्त संरचना में था। अधिकारियों के अनुसार, उसी स्थान के आसपास गुलदार भी मौजूद था और वह खोज अभियान में जुटी टीम की गतिविधियों पर नजर रख रहा था।
वन अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही टीम आगे बढ़ी, गुलदार अचानक झाड़ियों से बाहर निकला और आक्रामक तरीके से लोगों की ओर बढ़ने लगा। मौके पर मौजूद अधिकारियों और ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशिक्षित शिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की। आत्मरक्षा और जनसुरक्षा के उद्देश्य से की गई फायरिंग में गुलदार मारा गया।
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में गहरा आक्रोश और चिंता देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से वन्यजीवों की गतिविधियां आबादी वाले इलाकों के आसपास बढ़ी हैं। कई लोगों ने दावा किया कि क्षेत्र में पहले भी गुलदार देखे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ था।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मृत गुलदार का पोस्टमार्टम कराया जाएगा ताकि यह पुष्टि की जा सके कि वही जानवर महिला पर हमले के लिए जिम्मेदार था। प्रारंभिक जांच और मौके से मिले सबूतों के आधार पर अधिकारियों को ऐसा ही प्रतीत हो रहा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष विशेषज्ञ जांच के बाद ही सामने आएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी राज्यों में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ता संपर्क एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। जंगलों के सीमित होते क्षेत्र, भोजन की तलाश और बदलते पर्यावरणीय हालात के कारण जंगली जानवर अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने लगते हैं। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और अकेले जंगल या सुनसान क्षेत्रों में न जाने की अपील की है। साथ ही वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने की बात कही है।








