भारत की आजादी पर ईरान का खास संदेश, राष्ट्रपति पेजेशकियन ने रिश्तों को बताया बड़ी ताकत

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भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को दोनों देशों के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया।

ईरानी राष्ट्रपति की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी संदेश के अनुसार, पेजेशकियन ने भारत की स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई।

ऐतिहासिक रिश्तों को बताया महत्वपूर्ण आधार

राष्ट्रपति पेजेशकियन ने अपने संदेश में भारत और ईरान के बीच पुराने संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सभ्यतागत और लोगों के बीच बने संबंध भविष्य में द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊंचाई देने के लिए महत्वपूर्ण संपत्ति हैं।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साझा हितों के आधार पर दोनों देश अपने संबंधों को और व्यापक बना सकते हैं। ईरानी राष्ट्रपति के मुताबिक, भारत और ईरान के बीच सदियों से चले आ रहे संपर्क दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

ईरान ने संबंध मजबूत करने की जताई इच्छा

पेजेशकियन ने कहा कि ईरान भारत के साथ व्यापक संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम उठाने को तैयार है। उन्होंने आपसी विश्वास और सम्मान के आधार पर दोनों देशों के साझा हितों को आगे बढ़ाने की बात कही।

ईरानी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूद क्षमताओं और अवसरों का बेहतर इस्तेमाल करके द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाया जा सकता है।

उनका संदेश ऐसे समय आया है जब भारत और ईरान के बीच व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा और क्षेत्रीय सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर लंबे समय से संबंध बने हुए हैं।

भारत की प्रगति और समृद्धि की कामना

ईरानी राष्ट्रपति ने अपने संदेश में भारत के लिए प्रगति, समृद्धि और खुशहाली की कामना भी की। उन्होंने दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों के और मजबूत होने की उम्मीद जताई।

उन्होंने भारत के लोगों की खुशी और देश की निरंतर प्रगति के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही भारत और ईरान के बीच पारंपरिक संबंधों को भविष्य में और विकसित करने की इच्छा व्यक्त की।

भारत-ईरान संबंधों का रहा है पुराना इतिहास

भारत और ईरान के बीच संबंध आधुनिक कूटनीतिक रिश्तों से काफी पुराने माने जाते हैं। दोनों देशों के बीच संस्कृति, भाषा, व्यापार और लोगों के आपसी संपर्क के माध्यम से लंबे समय से संबंध रहे हैं।

समय के साथ दोनों देशों ने इन पारंपरिक रिश्तों को आधुनिक कूटनीतिक और आर्थिक सहयोग में बदलने की कोशिश की है। ईरान के राष्ट्रपति का ताजा संदेश भी इसी लंबे संबंध को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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