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जयपुर में स्कूल कैंटीन की पैटी खाने के बाद 12वीं के छात्र की मौत, स्कूल संचालक और एडमिनिस्ट्रेटर हिरासत में

राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्कूल कैंटीन में खाने की चीज को लेकर एक दुखद घटना सामने आई है। झोटवाड़ा इलाके के एक निजी स्कूल में कक्षा 12वीं के 17 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि छात्र ने स्कूल की कैंटीन से पैटी खाई थी, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी जान चली गई।

घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर स्कूल संचालक और एडमिनिस्ट्रेटर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

लंच ब्रेक में बिगड़ी छात्र की तबीयत

मृतक छात्र की पहचान 17 वर्षीय प्रिंस सोनी के रूप में हुई है। वह कांटा चौराहा के पास स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में कक्षा 12वीं में पढ़ता था।

परिजनों के मुताबिक, घटना बुधवार को करीब सुबह 11 बजे स्कूल में लंच ब्रेक के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि प्रिंस ने स्कूल की कैंटीन से एक पैटी खरीदी थी। कुछ देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और वह बेहोश होकर गिर पड़ा।

परिवार का आरोप है कि पैटी खराब और अत्यधिक तैलीय थी। उनका दावा है कि खाने के दौरान पैटी का हिस्सा छात्र के गले में फंस गया, जिसके बाद उसे सांस लेने में परेशानी हुई। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर समय रहते उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया है।

स्कूल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

घटना के बाद छात्र के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों ने स्कूल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि यदि छात्र को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल जाती तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।

हालांकि, इन आरोपों की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।

दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया

पुलिस के मुताबिक, मामले में स्कूल संचालक अमित कुमावत और एडमिनिस्ट्रेटर राजेंद्र कुमार को हिरासत में लिया गया है। दोनों से घटना को लेकर पूछताछ की जा रही है।

जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्र ने वास्तव में क्या खाया था, उसकी तबीयत किस वजह से बिगड़ी और उसे स्कूल की ओर से किस तरह की तत्काल सहायता दी गई। साथ ही कैंटीन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उन्हें तैयार करने व रखने के तरीके की भी जांच की जा सकती है।

पोस्टमार्टम और जांच से सामने आएगा मौत का कारण

पुलिस छात्र की मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बना रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच से यह स्पष्ट होने में मदद मिलेगी कि मौत भोजन के कारण हुई, गले में कुछ फंसने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय वजह थी।

पुलिस स्कूल परिसर में मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटा रही है और घटना के समय वहां मौजूद छात्रों तथा कर्मचारियों से पूछताछ की जा सकती है।

खाद्य सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस घटना ने स्कूलों की कैंटीन में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल कैंटीन में भोजन तैयार करने और बेचने के दौरान साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उचित भंडारण बेहद महत्वपूर्ण होता है।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। छात्र की मौत के पीछे की वास्तविक वजह और स्कूल प्रशासन की कथित लापरवाही की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

डिस्क्लेमर: इस खबर में शामिल आरोप परिजनों और प्रारंभिक पुलिस जानकारी पर आधारित हैं। घटना के कारणों और जिम्मेदारी की अंतिम पुष्टि जांच तथा मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर होगी।

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