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योग बना दुनिया को जोड़ने वाला सेतु, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोलकाता से पीएम मोदी का संदेश

“स्वस्थ जीवन और सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग को अपनाएं”, देशवासियों से प्रधानमंत्री की अपील

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर देशभर में उत्साह और उल्लास के साथ योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस वर्ष का मुख्य आयोजन पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के रेड रोड पर हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास किया और योग के महत्व पर अपने विचार साझा किए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और स्वस्थ बनाने की एक संपूर्ण पद्धति है। उन्होंने कहा कि योग दुनिया के विभिन्न देशों, संस्कृतियों और समाजों को जोड़ने का एक मजबूत माध्यम बन चुका है। आज करोड़ों लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” रहा इस वर्ष का मुख्य विषय

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” यानी स्वस्थ और सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग रखी गई है। इसका उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक संतुलन, भावनात्मक मजबूती और बढ़ती उम्र में सक्रिय जीवनशैली बनाए रखने में भी मदद करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि योग तनाव को कम करने, नींद की गुणवत्ता सुधारने और जीवनशैली से जुड़ी कई स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित करने में सहायक साबित हो सकता है। यही वजह है कि युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों में भी योग के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है।

दुनिया के हजारों स्थानों पर आयोजित हुए कार्यक्रम

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के अनेक देशों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारतीय दूतावासों और विभिन्न संस्थानों ने योग शिविरों का आयोजन कर लोगों को योग के लाभों से परिचित कराया।

विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ-साथ अन्य देशों के नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में योग कार्यक्रमों में भाग लिया। इससे एक बार फिर यह संदेश गया कि योग अब केवल भारत की परंपरा नहीं, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का हिस्सा बन चुका है।

योग से बदल रही जीवनशैली

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और अनियमित दिनचर्या के बीच योग लोगों के लिए एक प्रभावी विकल्प बनकर उभरा है। नियमित योगाभ्यास से शारीरिक लचीलापन बढ़ता है, मन शांत रहता है और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।

विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए योग को बेहद लाभकारी माना जाता है। इससे संतुलन बनाए रखने, मानसिक एकाग्रता बढ़ाने और दैनिक गतिविधियों को आसानी से करने में मदद मिलती है।

वैश्विक पहचान बन चुका है योग

संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद से योग की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है। पिछले एक दशक में योग ने सीमाओं को पार करते हुए दुनिया के करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

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