गुवाहाटी: भारत और जापान के बीच प्रस्तावित उच्चस्तरीय शिखर सम्मेलन को लेकर असम में चल रही तैयारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची का गुवाहाटी दौरा फिलहाल स्थगित कर दिया गया है और अब उनकी भारत यात्रा केवल नई दिल्ली तक सीमित रहेगी। इस फैसले के बाद असम सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा की जा रही विशेष तैयारियों की दिशा में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि उन्हें भारत के विदेश सचिव की ओर से इस कार्यक्रम में बदलाव की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि जापान की प्रधानमंत्री इस बार असम नहीं आएंगी और उनकी आधिकारिक यात्रा नई दिल्ली में ही संपन्न होगी। हालांकि, इस निर्णय के पीछे के कारणों की विस्तृत जानकारी राज्य सरकार को नहीं दी गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जापान की ओर से भविष्य में असम के लिए एक अलग कार्यक्रम आयोजित करने की संभावना जताई गई है, जिसमें जापानी उद्योग जगत के प्रतिनिधि राज्य का दौरा कर सकते हैं। इससे व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग के नए अवसर खुल सकते हैं।
गौरतलब है कि जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 1 से 3 जुलाई के बीच भारत यात्रा पर आने वाली हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। शुरुआत में योजना थी कि भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन का आयोजन गुवाहाटी में किया जाएगा। इसके पीछे उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत के साथ जापान के बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना था।
इसी को ध्यान में रखते हुए गुवाहाटी शहर में व्यापक स्तर पर सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने का कार्य शुरू किया गया था। सड़कों की मरम्मत, सार्वजनिक स्थलों के नवीनीकरण और अन्य विकास कार्यों पर तेजी से काम चल रहा था। लेकिन कार्यक्रम में बदलाव के बाद अब केवल नियमित विकास कार्य ही जारी रहेंगे, जबकि विशेष तैयारियों की गति कम हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, जापान की प्रधानमंत्री के व्यस्त घरेलू कार्यक्रम और जापानी संसद के चल रहे सत्र के कारण उनकी भारत यात्रा का समय सीमित हो गया है। इसी वजह से शिखर सम्मेलन को नई दिल्ली में आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिससे दोनों देशों के बीच निर्धारित वार्ताएं तय समय के भीतर पूरी की जा सकें।
यह पहली बार नहीं है जब किसी जापानी प्रधानमंत्री का असम दौरा रद्द हुआ हो। इससे पहले भी जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का प्रस्तावित असम दौरा स्थगित हो गया था। उस समय राज्य में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण यात्रा को रद्द करना पड़ा था।








