उत्तराखंड में ग्लेशियल झीलों की निगरानी तेज, GLOF के खतरे से निपटने के लिए वासुंधरा ताल से शुरू हुआ अभियान SIR विवाद के बीच INDIA ब्लॉक की आज अहम बैठक, ज्ञानेश कुमार पर आगे की कार्रवाई को लेकर बनेगी रणनीति कांग्रेस की CWC बैठक में नीतीश कुमार को लेकर मतभेद, सोनिया गांधी ने दिग्विजय सिंह की टिप्पणी पर दी तीखी प्रतिक्रिया भारत की वनस्पति विरासत के संरक्षण में पतंजलि की बड़ी पहल, 27 हजार से अधिक पादप नमूने संरक्षित और 100+ नए रिकॉर्ड दर्ज कालिंदी खाल ट्रेक पर फंसे सभी ट्रेकर्स का सफल रेस्क्यू, SDRF ने सुरक्षित निकाला उत्तराखंड में चारधाम यात्रा ने रचा नया रिकॉर्ड, 53 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी के नए संयंत्र का उद्घाटन, भारत-जापान औद्योगिक साझेदारी को मिली नई मजबूती

Screenshot 2026 07 03 113800

भारत और जापान के बीच औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देते हुए हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी के नए विनिर्माण संयंत्र का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने संयुक्त रूप से इस अत्याधुनिक ऑटोमोबाइल निर्माण इकाई का शुभारंभ किया। यह संयंत्र भारत-जापान आर्थिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है और इससे देश के ऑटोमोबाइल उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है।

लगभग 800 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस अत्याधुनिक संयंत्र को आधुनिक तकनीक और पर्यावरण अनुकूल प्रणालियों के साथ तैयार किया गया है। शुरुआती चरण में यहां प्रतिवर्ष 5 लाख वाहनों के निर्माण की क्षमता विकसित की गई है। भविष्य में इसे बढ़ाकर 10 लाख वाहन प्रति वर्ष करने की योजना है। पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने के बाद यह दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल निर्माण संयंत्रों में शामिल हो सकता है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और जापान की साझेदारी को दोनों देशों की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियों की उन्नत तकनीक और भारत की तेज उत्पादन क्षमता का संयोजन वैश्विक स्तर पर नई संभावनाएं पैदा कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आज दुनिया आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी चुनौतियों और वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं का सामना कर रही है, ऐसे समय में भारत एक भरोसेमंद विनिर्माण केंद्र के रूप में अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी उल्लेख किया कि भारत में निर्मित कई जापानी ब्रांडों के दोपहिया वाहन दुनिया के अनेक देशों में निर्यात किए जा रहे हैं। इसके अलावा एयर कंडीशनर, पावर ग्रिड उपकरण, मेडिकल टेक्नोलॉजी और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

मारुति सुजुकी ने इस परियोजना में करीब 35,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। कंपनी का अनुमान है कि इस संयंत्र के पूरी तरह विकसित होने के बाद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 21,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही कंपनी का लक्ष्य भविष्य में अपनी कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता को 40 लाख वाहनों तक पहुंचाना है।

यह नया संयंत्र केवल उत्पादन क्षमता के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए भी विकसित किया गया है। संयंत्र की बिजली आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरा किया जाएगा। वर्तमान में यहां 20 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की गई है, जिसे वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 70 मेगावाट करने की योजना है। इसके अलावा परिसर में बायोगैस संयंत्र और ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी विकसित की गई है, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी।

तकनीकी दृष्टि से भी यह संयंत्र काफी उन्नत माना जा रहा है। इसे सुजुकी के स्मार्ट फैक्ट्री मॉडल के आधार पर तैयार किया गया है, जहां उत्पादन प्रक्रिया की वास्तविक समय में डिजिटल निगरानी की जाती है। फैक्ट्री में आधुनिक स्वचालित तकनीकों के साथ मानव कर्मचारियों और सहयोगी रोबोटों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता, सुरक्षा और कार्यकुशलता में सुधार हो सके।

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि खरखौदा संयंत्र भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल विनिर्माण क्षेत्र में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ और हरित औद्योगिक विकास जैसे राष्ट्रीय अभियानों को भी मजबूती प्रदान करेगी। आने वाले वर्षों में यह संयंत्र निवेश, रोजगार, निर्यात और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

🔮 आज का राशिफल