उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले से लगे भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में एक अमेरिकी नागरिक को बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के नेपाल जाने की कोशिश करते हुए हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित व्यक्ति कथित रूप से वर्ष 2025 में समुद्री मार्ग के जरिए बिना वैध दस्तावेजों के भारत में दाखिल हुआ था। मामले की जांच सुरक्षा और पुलिस एजेंसियां संयुक्त रूप से कर रही हैं।
सीमा पर नियमित गश्त के दौरान पकड़ा गया
अधिकारियों के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा पर नियमित निगरानी के दौरान सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने सोनौली थाना क्षेत्र के मैनिहवा इलाके में सीमा स्तंभ संख्या 516 के पास एक विदेशी नागरिक को संदिग्ध परिस्थितियों में नेपाल की ओर जाते हुए रोका।
पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान 36 वर्षीय जॉर्डन ब्राउन के रूप में बताई और खुद को अमेरिका के कैलिफोर्निया का निवासी बताया।
भारत में प्रवेश को लेकर चौंकाने वाला दावा
पूछताछ में जॉर्डन ब्राउन ने दावा किया कि उसका पासपोर्ट थाईलैंड में खो गया था। इसके बाद वह श्रीलंका पहुंचा और फिर वर्ष 2025 में समुद्री मार्ग से बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के भारत में प्रवेश कर गया।
उसने यह भी बताया कि भारत आने के बाद वह लंबे समय तक गोवा में रह रहा था और अब नेपाल जाने की कोशिश कर रहा था।
हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां उसके इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही हैं और अब तक किसी भी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पासपोर्ट और वीजा नहीं मिला
तलाशी के दौरान उसके पास से कोई वैध पासपोर्ट, वीजा या अन्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेज बरामद नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
अधिकारियों का कहना है कि विदेशी नागरिक के भारत में प्रवेश, यहां रहने और नेपाल जाने की पूरी यात्रा की जांच की जा रही है।
संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने विदेशी नागरिक के खिलाफ इमिग्रेशन और विदेशी नागरिकों से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह भारत में किन स्थानों पर रहा, किसके संपर्क में था और उसके देश में प्रवेश का वास्तविक तरीका क्या था।
अधिकारियों ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और आवश्यक होने पर अन्य केंद्रीय एजेंसियों से भी सहयोग लिया जाएगा।
सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं विस्तृत जांच
सीमा क्षेत्र में किसी विदेशी नागरिक का बिना वैध दस्तावेजों के पाया जाना सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना जा रहा है। इसी कारण एजेंसियां उसके यात्रा रिकॉर्ड, पहचान, संपर्कों और गतिविधियों की विस्तार से पड़ताल कर रही हैं।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसने भारत में अवैध रूप से प्रवेश कैसे किया और उसका उद्देश्य क्या था।








