वियतनाम के फु क्वोक (Phu Quoc) द्वीप के पास हुए दर्दनाक नाव हादसे में आंध्र प्रदेश के तीन पर्यटकों की मौत हो गई है। इस हादसे में कई भारतीय पर्यटक प्रभावित हुए हैं। आंध्र प्रदेश सरकार ने मृतकों के शवों को जल्द भारत लाने और प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता के लिए विशेष प्रयास शुरू कर दिए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, शनिवार को फु क्वोक द्वीप के पास घूमने निकले भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक स्पीडबोट अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। नाव में कुल 32 भारतीय पर्यटक सवार थे। हादसे में अब तक 15 भारतीयों की मौत की पुष्टि हुई है।
मृतकों में तमिलनाडु के 10, आंध्र प्रदेश के 3 और केरल के 2 पर्यटक शामिल हैं। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव दल ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
आंध्र प्रदेश के तीन लोगों की गई जान
इस हादसे में जान गंवाने वाले आंध्र प्रदेश के नागरिकों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- एन. आदिशेषैया रवि तेजा (41 वर्ष) – निवासी हिंदूपुरम, श्री सत्य साई जिला
- मुडियम श्रीधर – निवासी कडप्पा
- गेली जया लक्ष्मी – निवासी मछलीपट्टनम
वहीं, गेली किशोर, जो मछलीपट्टनम के रहने वाले हैं, गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज वियतनाम के एक अस्पताल में चल रहा है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जताया दुख
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे अत्यंत दुखद और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे भारत सरकार, हनोई स्थित भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के साथ लगातार समन्वय बनाए रखें, ताकि मृतकों के शव और अन्य प्रभावित नागरिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लाया जा सके।
सरकार ने शुरू किया 24 घंटे का समन्वय अभियान
राज्य सरकार के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश और गृह मंत्री वंगलापुडी अनिता लगातार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
इसके अलावा रियल टाइम गवर्नेंस सोसायटी (RTGS), नई दिल्ली स्थित आंध्र प्रदेश भवन और आंध्र प्रदेश नॉन-रेजिडेंट तेलुगु सोसायटी (APNRTS) को भी राहत कार्यों में समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन संस्थाओं के माध्यम से वियतनाम के अधिकारियों और भारतीय मिशन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
परिवारों में शोक का माहौल
हादसे की खबर मिलने के बाद मृतकों के परिवारों में गहरा शोक व्याप्त है। परिजन अपने प्रियजनों के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की मांग कर रहे हैं।
मृतक श्रीधर के भाई ने बताया कि उनके भाई 8 जुलाई को एक कंपनी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वियतनाम गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे अन्य साथियों के साथ पर्यटन के लिए निकले थे, तभी यह दुखद हादसा हो गया।
वहीं, रवि तेजा के परिवार के सदस्य भी आधिकारिक सूचना मिलने का इंतजार कर रहे हैं और लगातार सरकार के संपर्क में हैं।
प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा
आंध्र प्रदेश सरकार ने कहा है कि सभी प्रभावित परिवारों से संपर्क किया जा चुका है। प्रशासन उनकी हर संभव सहायता कर रहा है और शवों को जल्द भारत लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही पार्थिव शरीरों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाया जाएगा।







