दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ पर प्रतिबंध जारी रखने की सिफारिश, सरकारी समिति ने बताई राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंता लगातार बारिश से दिल्ली की हवा हुई सबसे साफ, लगभग तीन साल बाद AQI पहुंचा ‘गुड’ श्रेणी में डेटिया उपचुनाव में टिकट विवाद: नारोट्टम मिश्रा के समर्थकों का उग्र प्रदर्शन, 12 घंटे तक जाम रहा NH-44, पुलिस पर पथराव हिमाचल प्रदेश में अगले 7 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा ईरान का दावा: अमेरिकी हमले में बुशेहर परमाणु संयंत्र के बाहरी क्षेत्र को बनाया गया निशाना वायनाड टनल हादसे से पहले मिली थी चेतावनी, आंतरिक रिपोर्ट में ढलान कभी भी ढहने की जताई गई थी आशंका

लगातार बारिश से दिल्ली की हवा हुई सबसे साफ, लगभग तीन साल बाद AQI पहुंचा ‘गुड’ श्रेणी में

राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही बारिश ने न केवल लोगों को उमस और गर्मी से राहत दी है, बल्कि हवा की गुणवत्ता (Air Quality) में भी बड़ा सुधार दर्ज किया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, गुरुवार शाम 4 बजे जारी 24 घंटे के औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बुलेटिन में दिल्ली का AQI 48 दर्ज किया गया, जो ‘गुड’ (Good) श्रेणी में आता है। यह लगभग तीन वर्षों में पहली बार है जब दिल्ली की हवा इतनी स्वच्छ दर्ज की गई है।

लगभग तीन साल बाद ‘गुड’ श्रेणी में पहुंचा AQI

सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, इससे पहले 10 सितंबर 2023 को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 45 दर्ज किया गया था। उस समय भी लगातार बारिश और तेज हवाओं ने प्रदूषण के स्तर को काफी कम कर दिया था। इसके बाद से दिल्ली की हवा लगातार ‘संतोषजनक’, ‘मध्यम’, ‘खराब’ या उससे भी अधिक प्रदूषित श्रेणियों में रही।

बुधवार को राजधानी का औसत AQI 59 रिकॉर्ड किया गया था, जो पहले ही बेहतर स्थिति दर्शा रहा था। गुरुवार को यह और घटकर 48 पर पहुंच गया।

AQI की श्रेणियां क्या होती हैं?

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार AQI को निम्नलिखित श्रेणियों में बांटा जाता है—

  • 0 से 50: अच्छा (Good)
  • 51 से 100: संतोषजनक (Satisfactory)
  • 101 से 200: मध्यम (Moderate)
  • 201 से 300: खराब (Poor)
  • 301 से 400: बहुत खराब (Very Poor)
  • 401 से 500: गंभीर (Severe)

AQI के 48 तक पहुंचने का अर्थ है कि फिलहाल दिल्ली की हवा अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित मानी जा रही है और प्रदूषण का स्वास्थ्य पर प्रभाव बेहद कम है।

बारिश और तेज हवाओं ने किया कमाल

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले दो दिनों से जारी लगातार बारिश और तेज हवा ने वातावरण में मौजूद धूल और सूक्ष्म प्रदूषक कणों (Particulate Matter) को साफ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बारिश के कारण प्रदूषक कण जमीन पर बैठ गए, जबकि तेज हवाओं ने वातावरण में जमा प्रदूषण को फैलाकर उसका असर कम कर दिया।

दिल्ली में बुधवार देर रात शुरू हुई बारिश गुरुवार दोपहर तक लगातार जारी रही, जिससे पूरे शहर में प्रदूषण का स्तर तेजी से नीचे आया।

कई इलाकों में हुई भारी बारिश

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बुधवार सुबह 8:30 बजे से गुरुवार सुबह 8:30 बजे तक सफदरजंग मौसम केंद्र पर 72.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।

इस दौरान सबसे अधिक वर्षा खजूरी क्षेत्र में 160 मिमी रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा—

  • मयूर विहार – 102.5 मिमी
  • दिल्ली विश्वविद्यालय – 90 मिमी
  • महरौली – 86 मिमी
  • पूसा – 83 मिमी
  • लोधी रोड – 80.2 मिमी
  • रिज क्षेत्र – 77.8 मिमी

वहीं गुरुवार सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक भी कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। इस अवधि में—

  • मयूर विहार – 43 मिमी
  • लोधी रोड – 33.2 मिमी
  • सफदरजंग – 32.4 मिमी
  • रिज – 25.6 मिमी

उड़ानों पर नहीं पड़ा असर

बारिश के बावजूद दिल्ली हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन सामान्य रहा। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) के एक अधिकारी के अनुसार, खराब मौसम के कारण किसी भी उड़ान को डायवर्ट नहीं करना पड़ा। हालांकि, कुछ उड़ानों के समय पर मामूली प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन बड़े स्तर पर परिचालन प्रभावित नहीं हुआ।

आगे भी राहत के आसार

मौसम विभाग का कहना है कि मानसूनी गतिविधियां अभी सक्रिय बनी हुई हैं और अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। यदि बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहता है, तो दिल्ली की वायु गुणवत्ता आने वाले दिनों में भी बेहतर बनी रह सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून समाप्त होने के बाद प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ सकता है, इसलिए लंबे समय तक स्वच्छ हवा बनाए रखने के लिए स्थायी प्रदूषण नियंत्रण उपाय जरूरी होंगे।

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