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विश्व को भारत की हर्बल शक्ति का नया उपहार: ‘धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय’ का भव्य शुभारंभ

हरेला पर्व पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया वृहद पौधारोपण • उत्तराखंड को वैश्विक आयुर्वेद, हर्बल अनुसंधान, जैव विविधता और इको-इनोवेशन का केंद्र बनाने की ऐतिहासिक पहल

‘हर्बल वर्ल्ड हिमालय’ भारत की हजारों वर्षों पुरानी ज्ञान परंपरा को भविष्य की पीढ़ियों से जोड़ने वाला वैश्विक केंद्र बनेगा : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
‘हर्बल वर्ल्ड हिमालय’ दुनिया का पहला जीवंत हर्बल वर्ल्ड, वैश्विक स्वास्थ्य और पर्यावरण चेतना का महाअभियान है : स्वामी रामदेव
9 प्रमुख चिकित्सा पद्धतियों और विश्व की लगभग 964 चिकित्सा विद्याओं का अद्वितीय ज्ञान-संगम है ‘हर्बल वर्ल्ड हिमालय’ : आचार्य बालकृष्ण

हरिद्वार, 14 जुलाई। हरेला पर्व के पावन अवसर पर उत्तराखंड में स्थापित देश के एकमात्र ‘धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय’ का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वृहद पौधारोपण के साथ किया। यह केवल एक हर्बल उद्यान नहीं, बल्कि आयुर्वेद, औषधीय वनस्पतियों, जैव विविधता संरक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान और वैश्विक स्वास्थ्य चेतना का एक समग्र एवं दूरदर्शी केंद्र है, जो भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान और भविष्य की आवश्यकताओं से जोड़ने का कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय’ आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। यह परियोजना केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि स्वामी रामदेव और आयुर्वेद शिरोमणि आचार्य बालकृष्ण के दूरदर्शी संकल्प का साकार रूप है, जिसका उद्देश्य भारत की हजारों वर्षों पुरानी ज्ञान परंपरा को विश्व के कल्याण के लिए समर्पित करना है।

उन्होंने कहा कि यह केंद्र विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों और ज्ञान-पिपासुओं के लिए प्रेरणा का प्रमुख स्रोत बनेगा। यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति केवल औषधीय पौधों को नहीं देखेगा, बल्कि प्रकृति, विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के जीवंत संबंध का भी अनुभव करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल उत्तराखंड को केवल ‘हर्बल स्टेट’ ही नहीं, बल्कि वैश्विक हर्बल ज्ञान, अनुसंधान, जैव विविधता संरक्षण और इको-इनोवेशन के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।

‘हर्बल वर्ल्ड हिमालय’ वैश्विक स्वास्थ्य, प्रकृति संरक्षण और मानव कल्याण का महाअभियान : स्वामी रामदेव

स्वामी रामदेव ने कहा कि ‘धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय’ आचार्य बालकृष्ण की दूरदर्शी सोच, अथक प्रयास और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति समर्पण का साकार स्वरूप है। यह दुनिया का पहला ऐसा जीवंत हर्बल वर्ल्ड होगा, जहां विविध भौगोलिक एवं जलवायु क्षेत्रों की औषधीय वनस्पतियों को एक ही परिसर में संरक्षित एवं विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह केवल वनस्पतियों का संग्रह नहीं, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन का जनआंदोलन है। यदि मानवता को सुरक्षित भविष्य चाहिए तो प्रकृति के साथ संतुलित संबंध स्थापित करना होगा। स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के समन्वय से यहां विकास का ऐसा मॉडल विकसित किया जा रहा है, जो पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।

9 चिकित्सा पद्धतियों, 964 चिकित्सा विद्याओं और 200 एकड़ में विकसित होगा विश्व का अद्वितीय हर्बल नॉलेज पार्क : आचार्य बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि ‘धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय’ अतीत और भविष्य के बीच ज्ञान का जीवंत सेतु है। यह परंपरा और आधुनिकता, विज्ञान और अध्यात्म तथा प्रकृति और मानवता के समन्वय का वैश्विक केंद्र बनेगा।

उन्होंने बताया कि लगभग 200 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में विकसित इस हर्बल वर्ल्ड में आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी, चीनी, जापानी, कोरियन, मिश्र, ग्रीक और तिब्बती सहित 9 प्रमुख चिकित्सा पद्धतियों तथा विश्व की लगभग 964 चिकित्सा विद्याओं के ज्ञान को समाहित किया गया है। परिसर में औषधीय वनस्पतियों के उद्यान, दुर्लभ फल प्रजातियों के संरक्षण क्षेत्र तथा अत्याधुनिक नॉलेज पार्क (Knowledge Park) विकसित किए जा रहे हैं, जो विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और चिकित्सा इतिहास के अध्येताओं के लिए विश्वस्तरीय अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र सिद्ध होंगे।

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य भारत की आयुर्वेदिक ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाना है। साथ ही यह उत्तराखंड में हर्बल पर्यटन, अनुसंधान, औषधीय कृषि, जैव विविधता संरक्षण और रोजगार सृजन को नई दिशा देगा तथा राज्य की आर्थिक समृद्धि का सशक्त आधार बनेगा।

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