छत्तीसगढ़ के सहकारी शक्कर कारखाने को पहली बार मिला ‘हाइएस्ट शुगर रिकवरी–अदर एरिया’ श्रेणी में राष्ट्रीय सम्मान
रायपुर, 24 सितंबर 2026। कवर्धा स्थित भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने ने शक्कर उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। कारखाने को लगातार दो पेराई सत्रों 2024-25 और 2025-26 में बेहतर प्रदर्शन के लिए ‘हाइएस्ट शुगर रिकवरी–अदर एरिया’ श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान नेशनल को-ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन की ओर से नई दिल्ली स्थित डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित शुगर फैक्ट्री एफिशिएंसी अवॉर्ड समारोह में प्रदान किया गया। समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को यह पुरस्कार प्रदान किया। कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर भी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस उपलब्धि को राज्य के सहकारिता क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी सहकारी शक्कर कारखाने को ‘हाइएस्ट शुगर रिकवरी–अदर एरिया’ श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।
किसानों की मेहनत और तकनीकी दक्षता को मिला सम्मान
पुरस्कार मिलने के बाद सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने से जुड़े गन्ना उत्पादक किसानों और कारखाना प्रबंधन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल कारखाने की कार्यप्रणाली का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसानों की मेहनत, गुणवत्तापूर्ण गन्ने की आपूर्ति, तकनीकी दक्षता और बेहतर प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मंत्री ने कहा कि किसानों द्वारा बेहतर गुणवत्ता का गन्ना उपलब्ध कराने और कारखाने में उपलब्ध तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग से शुगर रिकवरी में अच्छा प्रदर्शन संभव हुआ। उन्होंने इस राष्ट्रीय सम्मान को किसानों की मेहनत और सहकारिता व्यवस्था की सामूहिक क्षमता का सम्मान बताया।
लगातार दो पेराई सत्रों में बेहतर प्रदर्शन
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने का 2024-25 और 2025-26 दोनों पेराई सत्रों में प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। लगातार दो सत्रों में उच्च शुगर रिकवरी हासिल करना कारखाने की उत्पादन क्षमता और प्रबंधन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
गन्ने से अधिक मात्रा में चीनी प्राप्त करने के लिए गन्ने की गुणवत्ता के साथ-साथ पेराई प्रक्रिया, तकनीकी प्रबंधन और संयंत्र के संचालन की दक्षता भी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर लगातार दो सत्रों के प्रदर्शन के आधार पर मिला यह सम्मान कारखाने से जुड़े किसानों और कर्मचारियों के लिए भी विशेष महत्व रखता है।
सहकारिता मॉडल की सामूहिक सफलता
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने की यह उपलब्धि गन्ना उत्पादक किसानों और कारखाना प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय को भी रेखांकित करती है। सहकारी क्षेत्र में किसानों की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है और उत्पादन से लेकर कारखाने के संचालन तक कई स्तरों पर सामूहिक प्रयास किए जाते हैं।
राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने से छत्तीसगढ़ के सहकारी शक्कर उद्योग को भी नई पहचान मिली है। राज्य में पहली बार इस श्रेणी में किसी सहकारी शक्कर कारखाने को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने से कारखाने से जुड़े किसानों, कर्मचारियों और प्रबंधन में उत्साह का माहौल है।
यह सम्मान भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने के साथ-साथ उन गन्ना उत्पादक किसानों के प्रयासों को भी राष्ट्रीय मंच पर पहचान देता है, जिनकी मेहनत से लगातार दो पेराई सत्रों में बेहतर शुगर रिकवरी हासिल की गई।








