हरियाणा के Vulture Conservation and Breeding Centre, पिंजौर की एक महत्वपूर्ण शोध रिपोर्ट ने गिद्धों (Vultures) पर मंडरा रहे गंभीर संकट की ओर ध्यान खींचा है। शोध में स्पष्ट हुआ है कि पशु-चिकित्सा में प्रयुक्त कुछ एलोपैथिक दर्दनाशक दवाओं के अवशेष मवेशियों के शवों में बने रहते हैं। ऐसे शवों को खाते ही गिद्धों की कुछ ही समय में मृत्यु हो जाती है, जिसमें गर्दन का लटक जाना प्रमुख लक्षण है।
राज्य औषधि नियंत्रक का संज्ञान: चार दवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध
शोध निष्कर्षों को गंभीरता से लेते हुए राज्य औषधि नियंत्रक, हरियाणा ने बड़ी पहल करते हुए पशु-चिकित्सा में निम्नलिखित एलोपैथिक दवाओं की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया:
डाइक्लोफेनाक (Diclofenac) – 04 जुलाई 2008 से प्रतिबंधित
केटोप्रोफेन (Ketoprofen) – 31 सितंबर 2023 से प्रतिबंधित
एसिक्लोफेनाक (Aceclofenac) – 31 सितंबर 2023 से प्रतिबंधित
नाइमेसुलाइड (Nimesulide) – 30 दिसंबर 2024 से प्रतिबंधित
महत्वपूर्ण: ये दवाएँ मानव उपयोग के लिए अनुमत हैं, लेकिन पशु-चिकित्सा में इनका उपयोग पूर्णतः निषिद्ध है।
विशेष प्रवर्तन अभियान: 15 जनवरी 2026 से सख्ती
गिद्ध संरक्षण को मजबूती देने के लिए Food and Drug Administration Haryana ने 15 जनवरी 2026 को राज्यव्यापी विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किया।
अभियान के प्रमुख बिंदु
113 थोक एवं खुदरा केमिस्ट दुकानों का निरीक्षण
93 पशु-चिकित्सा दवाओं के नमूने एकत्र
नमूनों को सरकारी अनुमोदित प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता परीक्षण हेतु भेजा गया
रिपोर्ट के आधार पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम व नियमों के तहत नियामक कार्रवाई
FDA ने स्पष्ट किया है कि प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि प्रतिबंधित दवाओं का पशु-उपयोग पूरी तरह रोका जा सके।
गिद्ध क्यों हैं जरूरी? पारिस्थितिकी और जनस्वास्थ्य की रीढ़
गिद्ध मृत पशुओं व पक्षियों के शवों का त्वरित निपटान कर रोगों के प्रसार को रोकते, पर्यावरणीय स्वच्छता बनाए रखते और पारिस्थितिक संतुलन कायम रखते हैं। उनकी संख्या में गिरावट से:
जनस्वास्थ्य पर जोखिम बढ़ता है
जैव-विविधता को नुकसान होता है
पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ता है
निष्कर्ष: संरक्षण के लिए सख्त अनुपालन जरूरी
हरियाणा सरकार की यह सख्त कार्रवाई गिद्ध संरक्षण की दिशा में निर्णायक कदम है। केमिस्टों, पशुपालकों और पशु-चिकित्सकों के पूर्ण सहयोग व अनुपालन से ही गिद्धों की घटती आबादी को बचाया जा सकता है।









