पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद एक बार फिर आतंक की चपेट में आ गई। शहर के तरलाई कलां इलाके में स्थित एक शिया इमामबाड़े/मस्जिद में जुमे की नमाज़ के दौरान हुए आत्मघाती बम धमाके ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। इस भीषण विस्फोट में दर्जनों लोगों की मौत हो गई, जबकि कई सौ लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में बड़ी संख्या में बुजुर्ग और युवा शामिल हैं।
धमाके से मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नमाज़ के समय अचानक तेज धमाका हुआ, जिससे मस्जिद में मौजूद लोग इधर-उधर गिर पड़े। धमाका इतना शक्तिशाली था कि मस्जिद की दीवारें और खिड़कियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं। आसपास के इलाकों में भी दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
कैसे हुआ हमला
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आत्मघाती हमलावर ने मस्जिद परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की। सुरक्षा कर्मियों द्वारा रोके जाने पर उसने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। धमाके के साथ ही घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।
राहत और बचाव कार्य
घटना के तुरंत बाद पुलिस, रेस्क्यू टीमें और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेराबंदी में लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
जांच और जिम्मेदारी
सुरक्षा एजेंसियां हमले के पीछे आतंकी संगठन के नेटवर्क की जांच कर रही हैं। प्रारंभिक तौर पर इसे आत्मघाती आतंकी हमला माना जा रहा है। कुछ आतंकी संगठनों द्वारा हमले की जिम्मेदारी लेने के दावे भी सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि की जा रही है।
सरकार और नेताओं की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान सरकार और शीर्ष नेताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
बढ़ती आतंकी घटनाओं पर चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला पाकिस्तान में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर किए जा रहे आतंकी हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है। इससे आम नागरिकों में भय का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।









