मेरठ में शुरू हुई नई रैपिड ट्रेन सेवा को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। लॉन्च के बाद पहले पूर्ण संचालन दिवस पर इस कॉरिडोर ने 1 लाख से अधिक यात्रियों का आंकड़ा पार कर लिया। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की कितनी आवश्यकता थी।
यह रैपिड रेल सेवा National Capital Region Transport Corporation (NCRTC) द्वारा विकसित की गई है। इसे आमतौर पर Delhi–Meerut RRTS कॉरिडोर के नाम से जाना जाता है। इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर और मेरठ के बीच यात्रा समय को कम करना और दैनिक यात्रियों को तेज विकल्प उपलब्ध कराना है।
पहले ही दिन रिकॉर्ड संख्या में यात्रियों के सफर करने से यह साफ है कि लोगों ने इस सेवा को हाथों-हाथ लिया है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में ट्रेनों में अच्छी खासी भीड़ देखी गई। अधिकारियों के अनुसार, समयबद्ध संचालन और आधुनिक सुविधाएं यात्रियों को आकर्षित कर रही हैं।
रैपिड ट्रेन में आरामदायक सीटें, एयर कंडीशनिंग, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और डिजिटल टिकटिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इससे कामकाजी लोगों, छात्रों और व्यापारियों को काफी राहत मिली है। पहले जहां दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा में लंबा समय लगता था, वहीं अब सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज और सुविधाजनक हो गया है।
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या और बढ़ सकती है। यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।









