नरेंद्र मोदी सोमवार को असम में चुनावी प्रचार के तहत तीन महत्वपूर्ण जनसभाओं को संबोधित करेंगे। राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, और प्रधानमंत्री की ये रैलियां प्रचार अभियान को और गति देने के लिहाज से अहम मानी जा रही हैं।
प्रधानमंत्री की पहली रैली निचले असम के बारपेटा जिले के भबानीपुर-सोरभोग क्षेत्र में आयोजित होगी। यहां वे मंत्री और भाजपा उम्मीदवार रंजीत कुमार दास के समर्थन में जनता से वोट की अपील करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री मध्य असम के होजई में दूसरी रैली को संबोधित करेंगे, जहां वे भाजपा प्रत्याशी शिलादित्य देव के पक्ष में प्रचार करेंगे।
दिन की तीसरी और अंतिम रैली ऊपरी असम के डिब्रूगढ़ में होगी। इस सभा में नरेंद्र मोदी राज्य मंत्री प्रसांता फुकन के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे। डिब्रूगढ़ क्षेत्र राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां की रैली को भाजपा के लिए खास माना जा रहा है।
यह इस चुनावी सीजन में प्रधानमंत्री का असम का दूसरा दौरा है। इससे पहले वे 1 अप्रैल को राज्य में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे, जहां उन्होंने गोगामुख और बेहाली में जनसभाएं की थीं। इसके अलावा उन्होंने डिब्रूगढ़ में चाय बागान की महिला श्रमिकों से भी संवाद किया था, जो भाजपा के जनसंपर्क अभियान का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के लिए असम चुनाव काफी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि पार्टी राज्य में अपनी स्थिति को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री की रैलियों के जरिए पार्टी विकास, बुनियादी ढांचे, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता से जनता के सामने रख रही है।
गौरतलब है कि असम में 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है। चुनाव प्रचार का दौर 7 अप्रैल को समाप्त हो जाएगा। ऐसे में अंतिम दिनों में सभी राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं ताकि अधिक से अधिक मतदाताओं को अपने पक्ष में किया जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री की रैलियां भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उनके भाषणों में अक्सर राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ राज्य के विकास से जुड़े वादे शामिल होते हैं, जो मतदाताओं को प्रभावित करने में असरदार साबित हो सकते हैं।








