उत्तर प्रदेश के औद्योगिक केंद्र Noida में सोमवार सुबह फैक्ट्री मजदूरों का प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे मजदूरों ने कई जगहों पर वाहनों में तोड़फोड़ की और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं भी सामने आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को भारी संख्या में बल तैनात करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, Noida Phase 2 क्षेत्र में स्थित कई औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारी एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे थे। शुरुआत में यह विरोध शांतिपूर्ण था, लेकिन देखते ही देखते कुछ असामाजिक तत्वों के शामिल होने से स्थिति बिगड़ गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की एक वैन समेत कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया और पत्थरबाजी भी की।
इस उग्र प्रदर्शन के कारण आसपास के प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह के व्यस्त समय में ट्रैफिक बाधित होने से दफ्तर जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को काफी दिक्कतें हुईं। प्रशासन ने स्थिति को काबू में करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा और कई जगहों पर बैरिकेडिंग कर दी।
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से उचित वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उनका आरोप है कि महंगाई बढ़ने के बावजूद उनकी सैलरी में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई, जिससे उनका जीवन यापन मुश्किल हो गया है। मजदूरों ने न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी, बेहतर कामकाजी परिस्थितियां और अन्य श्रम अधिकारों की मांग उठाई है।
इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को उनका हक मिलना चाहिए और उद्योगों को श्रम कानूनों का पालन करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि मजदूर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। पुलिस ने स्थिति को धीरे-धीरे नियंत्रण में लाने का दावा किया है, हालांकि इलाके में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है।








