नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के एक पॉश इलाके में हुई युवती की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। इस मामले में गिरफ्तार 19 वर्षीय आरोपी राहुल मीना ने पूछताछ में दावा किया है कि उसका मकसद हत्या करना नहीं था, बल्कि वह पैसे की तलाश में घर में घुसा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी पहले पीड़िता के परिवार के यहां काम कर चुका था और घर की पूरी बनावट से परिचित था। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने वारदात को अंजाम दिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि अगर उसे पैसे मिल जाते, तो यह घटना नहीं होती। उसने बार-बार कहा कि स्थिति अचानक बिगड़ गई और मामला गंभीर हो गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी हाल ही में राजस्थान के अलवर से दिल्ली आया था। उससे पहले वह अपने गांव में एक अन्य आपराधिक घटना में भी शामिल रहा था। पुलिस के मुताबिक, उसने एक परिचित के घर में घुसकर वहां महिला के साथ दुष्कर्म किया और मोबाइल फोन चोरी कर लिया। इसके बाद उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई मोबाइल फोन बेच दिए और दिल्ली पहुंचने के लिए टैक्सी का सहारा लिया।
दिल्ली पहुंचने के बाद आरोपी सीधे अपने पूर्व नियोक्ता के घर की ओर गया। उसे पहले से पता था कि घर में कौन-कौन से रास्ते हैं और परिवार के सदस्यों की दिनचर्या क्या है। इसी जानकारी का इस्तेमाल करते हुए वह घर में घुसा और सीधे उस कमरे तक पहुंच गया, जहां युवती मौजूद थी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी का मुख्य उद्देश्य लूटपाट करना था, लेकिन घटना के दौरान हालात बिगड़ गए और उसने जघन्य अपराध को अंजाम दे दिया। मामले में फॉरेंसिक टीम ने भी अहम साक्ष्य जुटाए हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और वे सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है इस तरह की घटनाएं समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं और इनके पीछे के कारणों को समझकर रोकथाम के उपाय करने की जरूरत है। साथ ही, घरों में काम करने वाले कर्मचारियों की उचित जांच और निगरानी भी आवश्यक बताई जा रही है।








