हंटावायरस एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से चूहों और अन्य कृन्तकों के जरिए फैलता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह संक्रमण फेफड़ों और किडनी पर गंभीर असर डाल सकता है। हाल के वर्षों में इस वायरस को लेकर जागरूकता बढ़ी है, क्योंकि कई मामलों में संक्रमण सीधे चूहों को छूने से नहीं बल्कि हवा में फैले संक्रमित कणों के जरिए लोगों तक पहुंचा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बंद कमरों, गोदामों, पुराने घरों या लंबे समय से बंद पड़े स्थानों में यह खतरा अधिक हो सकता है। जब चूहों की बीट, पेशाब या घोंसले जैसी चीजें सूख जाती हैं और बाद में सफाई के दौरान हिलती हैं, तो उनके छोटे-छोटे कण हवा में फैल सकते हैं। यदि इनमें वायरस मौजूद हो, तो सांस के जरिए यह शरीर में प्रवेश कर सकता है।
डॉक्टरों के मुताबिक, “एरोसोलाइजेशन” यानी सूक्ष्म कणों का हवा में फैलना हंटावायरस संक्रमण का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। अक्सर लोग झाड़ू लगाने, वैक्यूम क्लीनर इस्तेमाल करने या पुराने सामान हटाने के दौरान अनजाने में संक्रमित धूल को सांस के जरिए अंदर ले लेते हैं। यही वजह है कि विशेषज्ञ सफाई के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि हंटावायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण जैसे दिखाई दे सकते हैं। संक्रमित व्यक्ति को बुखार, थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी महसूस हो सकती है। गंभीर मामलों में सांस लेने में तकलीफ और फेफड़ों में संक्रमण की समस्या भी हो सकती है। यदि समय पर इलाज न मिले तो स्थिति गंभीर बन सकती है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि किसी बंद कमरे या लंबे समय से उपयोग में न आए स्थान की सफाई करते समय सीधे झाड़ू लगाने से बचें। सबसे पहले उस जगह को अच्छी तरह हवादार बनाना चाहिए। इसके बाद कीटाणुनाशक घोल का छिड़काव करके गंदगी को हल्का गीला करना चाहिए ताकि धूल हवा में न फैले। सफाई के दौरान मास्क और दस्ताने पहनना भी जरूरी माना गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों, खेतों, गोदामों और ऐसे स्थान जहां चूहों की संख्या अधिक हो, वहां रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। खाने-पीने की चीजों को ढककर रखना, घरों में सफाई बनाए रखना और चूहों के प्रवेश को रोकना संक्रमण से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय माने जाते हैं।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि लोग अक्सर चूहों की मौजूदगी को मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए यदि घर या कार्यस्थल पर चूहों के निशान दिखाई दें, तो तुरंत सफाई और नियंत्रण के कदम उठाने चाहिए।








