दिल्ली में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समिट के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं को लेकर केंद्र सरकार को विपक्ष के तीखे हमलों का सामना करना पड़ा है। कार्यक्रम के दौरान तकनीकी खामियों और प्रबंधन संबंधी दिक्कतों पर केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सार्वजनिक रूप से खेद जताया और कहा कि भविष्य में इस तरह की कमियों को दूर किया जाएगा।
आईटी मंत्री ने स्वीकार किया कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में कुछ चुनौतियां सामने आईं, लेकिन सरकार इससे सबक लेकर आगे बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और ऐसे मंच देश की वैश्विक भूमिका को मजबूत करते हैं।
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने AI समिट में हुई परेशानियों को “सरकारी कुप्रबंधन” करार देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को नुकसान पहुंचा है। खड़गे ने सवाल उठाया कि जब सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, तो आयोजन के स्तर पर ऐसी चूक क्यों होती है।
विपक्ष का कहना है कि डिजिटल इंडिया और तकनीकी नेतृत्व की बात करने वाली सरकार को ऐसे आयोजनों में उदाहरण पेश करना चाहिए था। दूसरी ओर, सत्तापक्ष का तर्क है कि किसी भी बड़े आयोजन में सुधार की गुंजाइश रहती है और आलोचना के बजाय सकारात्मक सुझाव दिए जाने चाहिए।
AI समिट को लेकर चल रही इस सियासी बयानबाजी के बीच यह स्पष्ट है कि तकनीकी आयोजनों के साथ-साथ उनके प्रबंधन पर भी अब राजनीतिक निगाहें और तेज हो गई हैं।









