इमरान मसूद का पीयूष गोयल को जवाब, बोले- पहले PM मोदी इस्तीफा दें, हम भी छोड़ देंगे पद
Dainik Samachaar | नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बयान पर पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री इस्तीफा देते हैं, तो कांग्रेस के नेता भी अपने पद छोड़ने के लिए तैयार हैं।
मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को इमरान मसूद ने यह टिप्पणी ऐसे समय की, जब कांग्रेस और विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने देशभर में दोबारा चुनाव कराने की मांग भी दोहराई।
इमरान मसूद ने पीयूष गोयल को क्या जवाब दिया?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया था कि अगर पार्टी चुनावी प्रक्रिया को दोषपूर्ण मानती है, तो उन राज्यों में उसकी सरकारें इस्तीफा क्यों नहीं देतीं, जहां कांग्रेस सत्ता में है।
इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा कि पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस्तीफा कराया जाए, इसके बाद वे भी इस्तीफा देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनके मुताबिक राजनीतिक व्यवस्था में मौजूद कथित गड़बड़ियां खत्म नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मसूद का यह बयान कांग्रेस और बीजेपी के बीच चुनावी पारदर्शिता को लेकर जारी राजनीतिक विवाद का हिस्सा है।
पीयूष गोयल ने कांग्रेस पर क्यों साधा निशाना?
पीयूष गोयल ने कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों का विरोध किया। उन्होंने पार्टी के पुराने राजनीतिक फैसलों और पूर्व चुनाव अधिकारियों को दिए गए पदों व सम्मानों का जिक्र करते हुए कांग्रेस की आलोचना की।
गोयल का तर्क था कि कांग्रेस को चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने से पहले अपने पुराने रिकॉर्ड पर भी विचार करना चाहिए।
इस बयान के बाद कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी पर पलटवार किया और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर अपना विरोध जारी रखने की बात कही।
को लेकर क्या है पूरा विवाद?
SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और गलत या अपात्र प्रविष्टियों की पहचान करना है।
कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पार्टी ने मतदाता सूची की समीक्षा पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग की प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है। इसलिए इस विवाद में राजनीतिक दलों के आरोपों और आधिकारिक तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है
कांग्रेस की आगे की रणनीति क्या होगी?
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक मंचों, सार्वजनिक अभियानों और कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए उठाती रहेगी।
इमरान मसूद के बयान से साफ है कि पार्टी इस मुद्दे को केवल चुनाव आयोग तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे केंद्र सरकार की राजनीतिक जवाबदेही से भी जोड़ रही है।
हालांकि, देशभर में दोबारा चुनाव कराने की मांग एक राजनीतिक मांग है। इस पर कोई निर्णय हुआ है, ऐसा मानने के लिए फिलहाल कोई पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
निष्कर्ष
SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। पीयूष गोयल के सवालों के जवाब में इमरान मसूद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस नेता भी इस्तीफा देने को तैयार हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद राजनीतिक बहस का अहम मुद्दा बना रह सकता है।








