हरिद्वार: योगगुरु स्वामी रामदेव ने पतंजलि घी को लेकर चल रहे हालिया विवादों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियोज़ पर बेहद आक्रामक और स्पष्ट रुख अपनाया है। एक लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान उन्होंने अमूल, मदर डेयरी, नेस्ले, कोका-कोला, पेप्सी जैसी तमाम स्वदेशी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) का नाम लेते हुए आलोचकों को आड़े हाथों लिया।
उन्होंने दो टूक कहा कि पतंजलि के उत्पादों पर दुनिया का विश्वास इसलिए है क्योंकि वे जान दे सकते हैं लेकिन ग्राहकों के साथ धोखा नहीं कर सकते। उन्होंने चुनौती दी और कहा कि पूरे देश की एजेंसियां हैं, यदि पतंजलि घी में कोई एनिमल फैट, वेजिटेबल ऑयल या नकली फ्लेवर हो तो दिखाओ न। कोई माई का लाल इसमें हड्डियां और पशुओं की चर्बी आज तक साबित नहीं कर सका। कई बार झूठे आरोप लग चुके हैं और इस तरह की जांच हो चुकी है।
कहा, हम अपने स्वकर्म को अपना स्वधर्म मानकर कर रहे हैं और अंतिम सांस तक करते रहेंगे।
पतंजलि कब खत्म होगा, स्वामी रामदेव कैसे खत्म होगा, ऐसे सवाल क्यों?
अपने बयान में स्वामी रामदेव ने पतंजलि और स्वयं को लेकर चलने वाली चर्चाओं पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग लगातार यह सवाल उठाते हैं कि पतंजलि कब खत्म होगा और स्वामी रामदेव कैसे खत्म होगा। उन्होंने कहा कि एक संन्यासी के पीछे इस तरह पड़ने का कोई औचित्य नहीं है।
स्वामी रामदेव ने कहा कि उन्होंने योग को लोगों तक पहुंचाने का काम किया है और उनके अनुसार योग तथा पतंजलि के उत्पादों में मिलावट नहीं की गई है।
पतंजलि घी के कम प्राइस का गणित समझाया
स्वामी रामदेव ने बाजार में घी की कीमतों का तुलनात्मक विश्लेषण करते हुए कहा कि वर्तमान में पतंजलि का घी करीब सात सौ रुपये के आसपास है और उस पर मिलने वाली छूट अलग है।
उन्होंने पतंजलि घी की प्राइसिंग को लेकर गणित समझाया। बताया कि पतंजलि गोवंश के दूध को एकत्रित कर मक्खन निकालता है। क्रीम जमाता है और बाकी बचे कम फैट वाले सपरेटा दूध, छाछ और दूध पाउडर आदि को बेचकर प्राइजिंग को इस तरह संतुलित करता है कि आम जनता तक यह किफायती दरों पर पहुंच सके।
देश के कई राज्यों से किसानों से दूध एकत्र करते हैं
स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि का दूध संग्रह नेटवर्क राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल समेत कई राज्यों तक फैला हुआ है।
उन्होंने देश में गोवंश की संख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि पशुपालन से जुड़े सरकारी आंकड़ों में देश में 18 करोड़ों गोवंश का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों से पतंजलि दूध एकत्र करता है, वहां बड़ी संख्या में किसान गोवंश पालते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पतंजलि के परीक्षणों में कई स्थानों पर दूध और मक्खन 99 प्रतिशत और कुछ जगहों पर 100 प्रतिशत A2 तक मिलता है।
अब बिलोना घी और विशेष नस्लों के घी पर भी काम
स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि आगे अलग-अलग पारंपरिक और विशेष श्रेणी के घी पर भी काम करेगा।
उन्होंने बताया कि पतंजलि के पास अपनी खुद की एक लाख से अधिक गायें हैं और किसानों के साथ भी समझौते किए गए हैं। हरियाणा, राजस्थान, असम, गोवा और महाराष्ट्र समेत विभिन्न राज्यों में किसानों के साथ काम करने की बात उन्होंने कही।
स्वामी रामदेव ने कहा कि आने वाले समय में बिलोना पद्धति से तैयार घी भी बाजार में लाया जाएगा। उन्होंने इसकी कीमत करीब 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम रखने की बात कही। वहीं बद्री गाय के घी की कीमत करीब 10,000 रुपये प्रति किलोग्राम और पुन्नूर गाय के घी की कीमत करीब 25,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक होने की बात कही।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को ऐसे उत्पाद खरीदने हैं, वे खरीद सकते हैं।
हम हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं
स्वामी रामदेव ने कहा कि वह हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा, “मैं तो कहता हूं लाख प्रश्न उठाओ, हम उत्तर हैं हरेक प्रश्न का।”
स्वामी रामदेव ने कहा कि अपने जीवन में न तो कोई चारित्रिक अपराध किया है, न आर्थिक और सामाजिक अपराध तथा न ही उत्पादों में मिलावट की है। उन्होंने कहा कि पतंजलि ने योग, आयुर्वेद, स्वदेशी, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में काम करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का प्रयास किया है।
कुछ लोग अज्ञान में, कुछ स्वार्थ के कारण विरोध कर रहे
पतंजलि की आलोचना को लेकर स्वामी रामदेव ने कहा कि इसके पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अज्ञान के कारण विरोध कर रहे होंगे, जबकि कुछ लोग स्वार्थ के कारण ऐसा कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग विदेशी कंपनियों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रभाव में ऐसा कर सकते हैं।
आकर पतंजलि को देखिए, यहां क्या हो रहा है
स्वामी रामदेव ने आलोचकों और आम लोगों से पतंजलि की गतिविधियों को प्रत्यक्ष देखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पतंजलि योग, आयुर्वेद, स्वदेशी, गोसेवा, शिक्षा, चिकित्सा, शोध और कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि केवल आरोपों और प्रचार के आधार पर किसी संस्था के बारे में राय बनाने के बजाय लोगों को पतंजलि आकर वहां चल रहे कार्यों को देखना चाहिए।
नेकी करो और कुएं में डालो
स्वामी रामदेव ने कहा कि वे विरोधी के हर प्रश्न का उत्तर देने में सक्षम हैं क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में कोई चारित्रिक, आर्थिक या सामाजिक अपराध नहीं किया है।
उन्होंने कहा, “हमें किसी को सफाई नहीं देनी है। हम ओछी बात नहीं करते, नेकी करो और कुएं में डालो की तर्ज पर अपने स्वकर्म को ही अपना स्वधर्म मानकर अंतिम सांस तक राष्ट्र सेवा करते रहेंगे।”









