भारतीय सिनेमा के लिए आज का दिन खास है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन मंगलवार को गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में किया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समारोह में देश के फिल्म कलाकारों, निर्देशकों, तकनीशियनों और अन्य सिनेमा से जुड़े प्रतिभाओं को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। इस बार समारोह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बाहर आयोजित किया जा रहा है।
पहली बार दिल्ली से बाहर हो रहा आयोजन
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के आयोजन को देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की दिशा में यह समारोह महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने भविष्य में भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को अलग-अलग राज्यों और शहरों में आयोजित करने की योजना बनाई है।
केवड़िया के एकता नगर में आयोजित समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से फिल्म जगत से जुड़े कलाकार और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसका उद्देश्य भारतीय सिनेमा की भाषाई, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर सामने लाना भी है।
1954 में हुई थी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1954 में हुई थी। सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से दिए जाने वाले ये पुरस्कार भारतीय सिनेमा में रचनात्मक और तकनीकी उत्कृष्टता को सम्मानित करते हैं।
इन पुरस्कारों में फीचर फिल्म, गैर-फीचर फिल्म और सिनेमा लेखन जैसी प्रमुख श्रेणियां शामिल हैं। सात दशकों से अधिक के सफर में इन पुरस्कारों ने देश की अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों में बनने वाली फिल्मों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भूमिका निभाई है।
वर्ष 2024 की फिल्मों और प्रतिभाओं को सम्मान
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के तहत वर्ष 2024 में भारतीय सिनेमा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित किया जा रहा है। पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई 2026 को की गई थी।
इस संस्करण में ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म चुना गया है। वहीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार इसी फिल्म के लिए यामी गौतम को दिया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार ममूटी को ‘ब्रमायुगम’ और कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए संयुक्त रूप से दिया जाएगा।
तमिल फिल्म ‘अमरन’ के लिए राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला है। वहीं ‘कल्कि 2898 एडी’ को संपूर्ण मनोरंजन प्रदान करने वाली सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म चुना गया है।
अनंत नाग को मिलेगा दादा साहेब फाल्के पुरस्कार
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण वरिष्ठ अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 का दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया जाना है। भारत सरकार ने 16 सितंबर 2026 को उनके नाम की घोषणा की थी।
यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा में उनके योगदान और पांच दशकों से अधिक लंबे सिनेमाई सफर के सम्मान में दिया जा रहा है। अनंत नाग ने कन्नड़ के साथ-साथ हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया है। उनके फिल्मी करियर में 300 से अधिक फिल्मों में विभिन्न भूमिकाएं शामिल हैं।
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1969 में हुई थी और पहली बार यह सम्मान अभिनेत्री देविका रानी को प्रदान किया गया था।
कई फिल्मों और कलाकारों को मिलेगा सम्मान
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में अलग-अलग श्रेणियों में फिल्मों और कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। ‘अमरन’, ‘कल्कि 2898 एडी’, ‘पुष्पा: द रूल पार्ट-02’, ‘भूल भुलैया 3’ और ‘स्त्री 2’ सहित कई फिल्मों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार मिले हैं।
गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में ‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म चुना गया है, जबकि ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार दिया गया है।
भारतीय सिनेमा की विविधता को मिलेगा मंच
एकता नगर में आयोजित यह समारोह देशभर के फिल्म कलाकारों और तकनीकी प्रतिभाओं को एक साथ लाएगा। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के माध्यम से अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों में बनने वाली फिल्मों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है।
इस बार के आयोजन में भी भारतीय सिनेमा की विविधता दिखाई देगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार 72वें संस्करण में मराठी, संथाली, तमिल, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़ समेत कई भाषाओं की फिल्मों को सम्मान मिला है।








