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10,000 नहीं, सिर्फ 7,000 कदम रोज चलना भी दिल और दिमाग को रख सकता है स्वस्थ

लंबे समय से माना जाता रहा है कि स्वस्थ रहने के लिए रोज 10,000 कदम चलना जरूरी है। लेकिन हाल ही में सामने आए कई शोध बताते हैं कि सिर्फ 7,000 कदम प्रतिदिन चलना भी हृदय रोग, मधुमेह, डिमेंशिया और समय से पहले मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, 7,000 कदम चलने वाले लोगों में हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम पाया गया। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य, याददाश्त और समग्र फिटनेस पर भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। कई अध्ययनों में यह भी सामने आया कि 10,000 कदम का लक्ष्य वैज्ञानिक आधार से ज्यादा एक लोकप्रिय फिटनेस मानक बन गया था, जबकि स्वास्थ्य लाभ 7,000 कदम के आसपास ही काफी हद तक प्राप्त हो जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के लिए 10,000 कदम चलना मुश्किल है, तो उसे निराश होने की जरूरत नहीं है। दिनभर में छोटी-छोटी वॉक, सीढ़ियों का उपयोग और नियमित शारीरिक गतिविधि भी स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। हाल के एक विश्लेषण में पाया गया कि लंबे समय तक बैठने वाले लोग भी यदि अपनी दैनिक गतिविधि बढ़ा दें, तो हृदय रोग और मृत्यु के जोखिम को कम कर सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कदमों की संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण है नियमित रूप से सक्रिय रहना। रोजाना 30 से 45 मिनट की तेज चाल से पैदल चलना शरीर और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

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