आरजी कर केस पर फिर गरमाई बंगाल की राजनीति, पीड़िता की मां ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल में चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और हत्या मामले को लेकर राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। पीड़िता की मां और बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी खोई है, जबकि ममता बनर्जी ने सत्ता की कुर्सी खो दी है।

आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में अगस्त 2024 की रात हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। ड्यूटी पर मौजूद 31 वर्षीय ट्रेनी डॉक्टर के साथ कथित तौर पर रेप, अत्याचार और हत्या की गई थी। घटना के बाद राज्यभर में भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे और डॉक्टरों के संगठनों ने भी न्याय की मांग को लेकर आंदोलन किया था।

पीड़िता की मां ने राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि ईमानदारी और अन्याय के खिलाफ लड़ाई की ताकत बहुत बड़ी होती है। उन्होंने कहा कि आज वह और ममता बनर्जी दोनों दुख में हैं, लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि उन्होंने अपनी बेटी खोई है और ममता बनर्जी ने सत्ता खो दी है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मामले में कई ऐसे लोग हैं जिनकी भूमिका की पूरी जांच अभी बाकी है। पीड़िता की मां का कहना है कि उन्होंने कुछ नाम मुख्यमंत्री को सौंपे हैं, जिन्हें पहले जांच एजेंसियों को भी दिया गया था। उनका आरोप है कि मामले की शुरुआती जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया और सबूतों को दबाने की कोशिश की गई।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में मामले की जांच को लेकर बड़ा फैसला देते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम बनाने का आदेश दिया है। यह टीम उस रात से लेकर पीड़िता के अंतिम संस्कार तक की घटनाओं की जांच करेगी। अदालत के इस फैसले को मामले में नई दिशा के तौर पर देखा जा रहा है।

बीजेपी सरकार ने सत्ता में आने के बाद कहा है कि आरजी कर केस की जांच को तेज किया जाएगा और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। इसी क्रम में कुछ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। उन अधिकारियों पर आरोप है कि घटना के समय वे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात थे और मामले के प्रबंधन में गंभीर लापरवाही हुई।

पीड़िता की मां ने कहा कि विधायक बनने के बाद भी उनके जीवन की सारी खुशियां खत्म हो चुकी हैं और अब उनका एकमात्र उद्देश्य अपनी बेटी को न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि वह इस लड़ाई को अंत तक लड़ेंगी और दोषियों को सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगी।

इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में लगातार बयानबाजी जारी है। बीजेपी जहां इसे कानून व्यवस्था और न्याय का मुद्दा बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस पहले भी आरोप लगा चुकी है कि इस मामले का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है।

Leave a Comment

और पढ़ें

🔮 आज का राशिफल