पवन कल्याण ने विजय की सफलता पर दिया बड़ा बयान, बोले- “मुझे थोड़ी जलन होती है”

पवन कल्याण ने सोमवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अपनी राजनीतिक यात्रा को लेकर खुलकर बात की। अभिनेता से नेता बने पवन कल्याण ने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की तेज राजनीतिक सफलता देखकर उन्हें कभी-कभी “जलन” महसूस होती है। उनका यह बयान अब दक्षिण भारत की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

जना सेना पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पवन कल्याण ने हंसते हुए कहा कि तमिलनाडु की राजनीति को देखकर उन्हें लगता है कि वहां चीजें काफी आसान तरीके से हो गईं। उन्होंने कहा कि विजय ने बहुत कम समय में बड़ी सफलता हासिल कर ली, जबकि उन्हें अपनी पार्टी को खड़ा करने और लोगों का भरोसा जीतने में 15 साल लग गए।

उन्होंने कहा, “मैं पिछले 15 सालों से सड़कों पर घूम रहा हूं, लोगों के बीच काम कर रहा हूं। एक राजनीतिक पार्टी चलाना आसान नहीं होता। परिवार के लोगों को एक राय पर लाना मुश्किल होता है, तो लाखों लोगों को साथ लेकर चलना कितना कठिन होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।”

पवन कल्याण ने यह भी कहा कि राजनीति में कदम रखना और समाज में बदलाव लाने की कोशिश करना उनके लिए बड़ा जोखिम था। उन्होंने माना कि शुरुआती दौर में उनकी पार्टी को काफी संघर्ष करना पड़ा और कई लोगों ने यह सवाल भी उठाया था कि क्या उनकी पार्टी भविष्य में टिक पाएगी।

जना सेना पार्टी की शुरुआत पवन कल्याण ने 2014 में की थी। 2019 के चुनावों में उनकी पार्टी को केवल एक सीट मिली थी और वह खुद भी दोनों सीटों से चुनाव हार गए थे। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार संगठन को मजबूत करने में जुटे रहे।

बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और तेलुगु देशम पार्टी के साथ गठबंधन किया। 2024 के आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया और जिन 21 सीटों पर चुनाव लड़ा, उन सभी पर जीत हासिल की। इस प्रदर्शन के बाद पवन कल्याण राज्य की राजनीति में एक मजबूत नेता के रूप में उभरे।

दूसरी ओर, अभिनेता से नेता बने विजय ने भी राजनीति में तेज उभार दिखाया। तमिलगा वेत्री कझगम यानी टीवीके की स्थापना विजय ने 2024 में की थी। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने 108 सीटें जीतकर बड़ी सफलता हासिल की और दशकों से राज्य की राजनीति पर हावी द्रविड़ दलों को कड़ी चुनौती दी। इसके बाद विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने।

पवन कल्याण ने पहले भी कहा था कि आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की राजनीति अलग है और दोनों राज्यों की परिस्थितियों की तुलना नहीं की जा सकती। उनका मानना है कि आंध्र प्रदेश में गठबंधन की राजनीति ज्यादा प्रभावी रहती है, जबकि तमिलनाडु में अलग तरह का राजनीतिक माहौल है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पवन कल्याण का यह बयान उनकी ईमानदारी और संघर्ष को दर्शाता है। आमतौर पर नेता सार्वजनिक मंचों पर ऐसी व्यक्तिगत भावनाएं व्यक्त करने से बचते हैं, लेकिन पवन कल्याण ने अपने अनुभव और संघर्ष को खुले तौर पर साझा किया।

Leave a Comment

और पढ़ें

🔮 आज का राशिफल