पुणे में जहरीली शराब कांड से मचा हड़कंप, अवैध नेटवर्क पर शिकंजा; जांच CID को सौंपी गई

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महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से हुई कई लोगों की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और अवैध शराब के पूरे नेटवर्क की जांच अब अपराध अन्वेषण विभाग (CID) को सौंप दी गई है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रभावित लोगों ने ऐसी शराब का सेवन किया था, जिसमें हानिकारक रसायनों की मिलावट होने की आशंका है। घटना के बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें उल्टी, चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ और बेहोशी जैसी शिकायतों के बाद अस्पतालों में भर्ती कराया गया। हालांकि कुछ लोगों की जान बचाई जा सकी, लेकिन कई परिवार अपने प्रियजनों को खो बैठे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रभावित व्यक्तियों ने अलग-अलग स्थानों से शराब खरीदी थी। इसके बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और कथित सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की पहचान कर कार्रवाई की। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक छोटी घटना नहीं, बल्कि अवैध शराब के बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार ने पुलिस और आबकारी विभाग को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए नमूनों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि शराब में कौन-कौन से रसायन मौजूद थे और मौतों का वास्तविक कारण क्या था। विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी शराब में अक्सर मेथनॉल जैसे जहरीले पदार्थ पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद घातक होते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जहरीली शराब का असर कुछ घंटों के भीतर दिखाई देने लगता है। शुरुआत में सिरदर्द, उल्टी, धुंधला दिखाई देना और सांस लेने में परेशानी होती है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती है और जान का खतरा पैदा हो सकता है।

घटना के बाद प्रभावित इलाकों में शोक का माहौल है। कई परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य खो दिए हैं, जिससे उनके सामने आर्थिक और सामाजिक संकट भी खड़ा हो गया है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अवैध शराब के कारोबार पर स्थायी रूप से रोक लगाने की मांग की है।

इस बीच आबकारी विभाग ने भी राज्यभर में विशेष अभियान शुरू किया है। संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और बिना लाइसेंस शराब बेचने वालों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और सख्त की जाएगी।

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