कोलकाता में लगी मेसी की विशाल प्रतिमा पर संकट, सुरक्षा कारणों से हटाने की तैयारी

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में फुटबॉल प्रेमियों के लिए खास आकर्षण बनी अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी की 70 फीट ऊंची प्रतिमा अब हटाई जा सकती है। प्रशासन ने प्रतिमा की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और बताया है कि तेज हवा में इसके हिलने की शिकायतें मिलने के बाद जांच कराई गई, जिसमें संरचना को असुरक्षित पाया गया।

यह विशाल प्रतिमा पिछले वर्ष दिसंबर में मेसी के भारत दौरे से पहले बनाई गई थी। प्रतिमा में मेसी को 2022 फीफा विश्व कप ट्रॉफी हाथ में पकड़े हुए दिखाया गया था। इसे फुटबॉल प्रेमियों और स्थानीय आयोजकों ने मेसी को सम्मान देने के उद्देश्य से तैयार कराया था। प्रतिमा को बनाने में करीब 27 दिन लगे थे और इसके अनावरण के बाद यह सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रही।

हालांकि हाल के दिनों में स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि तेज हवा चलने पर प्रतिमा हिलती हुई दिखाई देती है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग और अन्य तकनीकी अधिकारियों ने निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि प्रतिमा की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हो चुकी है और अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो दुर्घटना का खतरा पैदा हो सकता है।

स्थानीय विधायक ने भी स्वीकार किया कि प्रतिमा की स्थिति चिंताजनक है। अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इसे हटाना जरूरी हो गया है। फिलहाल प्रशासन प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से हटाने और किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर दोबारा स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है।

यह प्रतिमा मेसी के चर्चित “गोएट टूर” के दौरान चर्चा में आई थी। मेसी ने अपने साथियों लुइस सुआरेज़ और रोड्रिगो डी पॉल के साथ भारत के कई शहरों का दौरा किया था, जिनमें कोलकाता, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली शामिल थे। कोलकाता में उनके कार्यक्रम को लेकर फुटबॉल प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया था।

हालांकि मेसी के कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी विवाद सामने आए थे। कई दर्शकों ने आरोप लगाया था कि भारी कीमत पर टिकट खरीदने के बावजूद उन्हें मेसी की झलक तक नहीं मिल सकी। कुछ नाराज प्रशंसकों ने स्टेडियम में हंगामा किया था और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश भी की थी। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था।

अब प्रतिमा हटाए जाने की खबर के बाद फुटबॉल प्रेमियों में निराशा देखी जा रही है। कई लोगों का कहना है कि यह प्रतिमा केवल एक संरचना नहीं थी, बल्कि कोलकाता के फुटबॉल प्रेम और मेसी के प्रति दीवानगी का प्रतीक बन चुकी थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी प्रतिमा के निर्माण में तकनीकी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाना बेहद जरूरी होता है। यदि समय-समय पर निरीक्षण और रखरखाव न हो तो ऐसी संरचनाएं खतरा बन सकती हैं।

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