प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्लोवाकिया यात्रा ने भारत और यूरोप के इस मध्य यूरोपीय देश के बीच संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। ब्रातिस्लावा पहुंचने पर प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया गया, जहां प्रसिद्ध स्लोवाक सांस्कृतिक समूहों ने भारतीय राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” की प्रस्तुति देकर उन्हें सम्मानित किया।
यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला आधिकारिक दौरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा दे सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत समारोह में स्लोवाकिया के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक दल ‘लुसनिका एन्सेम्बल’ ने “वंदे मातरम्” प्रस्तुत किया। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब भारत इस राष्ट्रीय गीत की ऐतिहासिक विरासत और स्वतंत्रता आंदोलन में उसके योगदान को विशेष रूप से याद कर रहा है।
ब्रातिस्लावा पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत स्लोवाकिया के विदेश एवं यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार ने पारंपरिक ‘ब्रेड एंड सॉल्ट’ रीति से किया। स्लोवाक संस्कृति में यह परंपरा सम्मानित अतिथियों के प्रति आदर, मित्रता और शुभकामनाओं का प्रतीक मानी जाती है। इसमें रोटी समृद्धि और जीवनयापन का संकेत देती है, जबकि नमक स्थायी मित्रता और विश्वास का प्रतीक माना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आनंद लिया। स्लोवाक संगीत समूह ‘महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट’ ने आध्यात्मिक संगीत प्रस्तुत किया। समूह के कलाकारों ने भारतीय प्रधानमंत्री के सामने प्रदर्शन करने को अपने लिए सम्मान की बात बताया।
इसके अतिरिक्त, स्लोवाकिया के मायजावा क्षेत्र के प्रसिद्ध बाल लोक नृत्य समूह ने पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत कर वहां उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने दोनों देशों के बीच बढ़ती सांस्कृतिक निकटता को भी दर्शाया।
ब्रातिस्लावा में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग भी प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पहुंचे। प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की और भारत तथा स्लोवाकिया के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में उनके योगदान की सराहना की। इस दौरान कई लोगों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात को अपने जीवन का यादगार क्षण बताया।
अपने दौरे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने तथा सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ होने वाली बैठकों को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताई।
सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, नवाचार, ऑटोमोबाइल उद्योग, रेलवे विकास और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा तकनीकी साझेदारी और औद्योगिक निवेश को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना है।
विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत की यूरोप के साथ मजबूत होते संबंधों का संकेत है। स्लोवाकिया जैसे देशों के साथ बढ़ता सहयोग भारत की वैश्विक कूटनीतिक रणनीति को और मजबूती प्रदान कर सकता है।








