रकारी दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते थक चुके एक पति का दर्द उस समय सबके सामने आ गया, जब वह अपनी बीमार पत्नी को पीठ पर उठाकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच गया। यह भावुक कर देने वाला दृश्य देखकर वहां मौजूद अधिकारी और आम लोग भी स्तब्ध रह गए।
जानकारी के अनुसार, दंपति पिछले करीब 10 वर्षों से विभिन्न सरकारी योजनाओं और सहायता के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे। पत्नी गंभीर बीमारी से जूझ रही है और चलने-फिरने में असमर्थ है। आर्थिक तंगी के कारण परिवार का जीवन बेहद मुश्किलों में गुजर रहा है।
पीड़ित पति का आरोप है कि कई बार आवेदन देने और संबंधित विभागों से संपर्क करने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। मजबूर होकर वह अपनी पत्नी को पीठ पर उठाकर सीधे कलेक्टर के जनसुनवाई कार्यक्रम में पहुंचा, ताकि उसकी पीड़ा प्रशासन तक सीधे पहुंच सके।
कलेक्टर कार्यालय में यह दृश्य देखकर कई लोगों की आंखें नम हो गईं। अधिकारियों ने दंपति की बात सुनी और मामले की जांच कर जल्द उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं और पीड़ित परिवार को जल्द राहत देने की मांग कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु:
- 10 साल से सरकारी सहायता के लिए संघर्ष कर रहा है परिवार।
- बीमार पत्नी को पीठ पर उठाकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचा पति।
- जनसुनवाई में सुनाई अपनी पीड़ा।
- अधिकारियों ने जांच और मदद का आश्वासन दिया।
- सोशल मीडिया पर घटना की तस्वीरें वायरल।
मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली इस घटना ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं के लाभ जरूरतमंदों तक समय पर पहुंचाने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।







