उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए एक भीषण सड़क हादसे के बाद मानवता की मिसाल देखने को मिली। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आदिदेव कुमार ने अपनी सूझबूझ, साहस और त्वरित निर्णय से एक ही परिवार के चार लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। इस घटना की जानकारी उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की, जिसके बाद लोग उनके प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, आदिदेव कुमार वाराणसी से दिल्ली की ओर कार से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान गंगा एक्सप्रेसवे पर उनकी नजर एक गंभीर सड़क दुर्घटना पर पड़ी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एक आई10 कार का टायर फटने की आशंका के बाद वाहन अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रक से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार चार लोग अंदर ही फंस गए।
हादसा देखते ही आदिदेव कुमार ने बिना समय गंवाए अपनी कार रोकी और आसपास मौजूद अन्य लोगों के साथ मिलकर राहत कार्य शुरू किया। सबसे पहले उन्होंने कार का पिछला दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा पूरी तरह जाम हो चुका था। इसके बाद एक लोहे की रॉड की मदद से दरवाजे को खोलकर अंदर फंसी एक बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
हालांकि, कार की अगली सीटों पर बैठे लोगों तक पहुंचना आसान नहीं था। ऐसे में बचाव दल ने कार का अगला शीशा तोड़कर बाकी तीन घायलों को बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सभी घायल गंभीर रूप से जख्मी थे और उनके शरीर से काफी खून बह रहा था। फिर भी मौके पर मौजूद लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार राहत कार्य जारी रखा।
घटना के बाद तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन उसके पहुंचने में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा था। घायलों की स्थिति को देखते हुए आदिदेव कुमार ने इंतजार करने के बजाय उन्हें अपनी कार में बैठाया और अस्पताल की दिशा में रवाना हो गए। रास्ते में उनकी मुलाकात एंबुलेंस से हुई, जिसके बाद सभी घायलों को सुरक्षित चिकित्सा टीम के हवाले कर दिया गया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि घायलों का सामान भी उनके साथ सुरक्षित पहुंचे।
करीब डेढ़ घंटे तक चले इस पूरे बचाव अभियान के बाद आदिदेव कुमार अपनी यात्रा पर आगे बढ़ गए। बाद में उन्हें सूचना मिली कि दुर्घटना में घायल सभी चार लोगों की जान बच गई है और समय पर मिले उपचार से उनकी स्थिति स्थिर है। यह खबर उनके लिए सबसे बड़ी राहत साबित हुई।
घटना के बाद उन्होंने लोगों से सड़क सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण अपील की। उनका कहना है कि लंबी यात्रा पर निकलने से पहले वाहन की पूरी तरह जांच अवश्य करानी चाहिए। विशेष रूप से टायरों की स्थिति, ब्रेक, इंजन और अन्य आवश्यक हिस्सों का निरीक्षण करना बेहद जरूरी है। यदि किसी प्रकार की खराबी या असामान्य आवाज सुनाई दे तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सड़क पर किसी दुर्घटना के दौरान यदि सुरक्षित तरीके से मदद करना संभव हो तो लोगों को आगे आना चाहिए। कई बार समय पर मिली सहायता किसी की जान बचा सकती है। यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा का संदेश देती है, बल्कि यह भी याद दिलाती है कि मुश्किल समय में किसी अनजान व्यक्ति की मदद करना समाज के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।







